नई दिल्ली,(ARLive news)। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) से जूझ रही दुनिया इसकी वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार कर रही है। वैक्सीन को लेकर जहां रूस ने पहली वैक्सीन बनाने का दावा किया है, वहीं चीन ने भी बिना मंजूरी एक माह से टीके का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस बीच भारत के कुछ अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि केंद्र सरकार ने वैक्सीन को लेकर ग्लोबल प्लान तैयार कर लिया है और वैक्सीन के कम से कम पांच अलग-अलग तरीकों पर काम किया जा रहा है।
इसमें नि:शुल्क टीकों से लेकर गारंटीकृत आपूर्ति तक शामिल है जिसमें पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यहां तक कि लैटिन अमेरिका के देशों के साथ-साथ अपने पड़ोसी देशों की मदद करना भी शामिल है। यह विचार राजनयिक संबंधों को मजबूत करने के लिए औऱ दुनिया में वैक्सीन की फैक्ट्री के रूप में उभर के आने का है।
भारतीय कंपनियां 2 टीकों पर काम कर रही हैं
भारतीय कंपनियां 2 टीकों पर काम कर रही हैं जो वर्तमान में क्रिनिकल ट्रायल के बीच में हैं। यह व्यवस्था बड़े पैमाने पर इन टीकों के लिए होगी, इसमें पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा निर्मित टीके भी शामिल हो सकते हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है। इसके साथ एस्ट्राज़ेनेका सहित तीन कंपनियों की भागीदारी है।
एक अधिकारी ने बताया कि योजना को लेकर अभी फाइनल प्लान नहीं बना है इसको लेकर आखिरी रूप दिए जाना अभी बाकी है उदाहरण के लिए टीकों की आपूर्ति के लिए भारत द्वारा तय किए गए किसी भी मंच को लाइसेंसिंग समझौतों का सम्मान करना होगा जो यह तय करेगा कि टीके को कहां बेचा जा सकता है और कहां नहीं।


