जयपुर,(ARLive news)। केन्द्र सरकार ने देश के तीन एयरपोर्ट जयपुर, गुवाहाटी और तिरूअनंतपुरम को अडानी ग्रुप को सौंपने का फैसला ले लिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गयी है। तीनों एयरपोर्ट का अगले 50 सालों तक अडानी एंटरप्राइजेज संचालन करेगा। लेकिन एयरपोर्ट के निजीकरण का सीधा असर जनता की जेब पर पड़ेगा। सरकार को भले ही अडानी समूह प्रति घरेलू यात्री का 174 रूपए और अंतरराष्ट्रीय यात्री के लिए 348 रुपए का भुगतान करेगा।
इससे पहले लखनउ, अहमदाबाद, मेंगलुरू के एयरपोर्ट पीपीपी माॅडल के तहत निजी हाथों में जा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट पर प्रवेश से लेकर हर चीज का अलग से शुल्क देना होगा। आने वाले दिनों में फ्लाइट्स के टिकट बढ़ने की संभावना भी है। वहां अगर बैठकर कोई चाय-काॅपी भी पीना चाहेगा तो उसे 3 से 4 गुना अधिक कीमत देनी होगी, एयरपोर्ट पर एक चाय 200 रूपए तक पड़ सकती है।
ऐसे बढ़ेंगे शुल्क
- एयरपोर्ट आने वाले हर वाहन पर एंट्री शुल्क देना होगा ।
- कंपनी दुकानों का किराया बढ़ाएगी तो तो उसका पैसा भी लोगों से वसूला जाएगा।
- एयरलाइंस के काउंटर महंगे होंगे तो किराए की दरें भी बढ़ेंगी।
- चाय-कॉफी के लिए 200 रु तक शुल्क लिया जा सकता है।
- बाजार दर से 3 से 4 गुना अधिक कीमत पर सामान मिलेगा।


