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रोचक फैसला: पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री को सोने से तोलने के लिए दिया गया 56.857 किलो सोना 55 साल बाद CGST के सुपुर्द हुआ

arln-admin by arln-admin
August 5, 2020
Reading Time: 1 min read
udaipur court order for possession of 56 kg 857gram gold give to central gst


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उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर न्यायालय में बुधवार को एक रोचक फैसला हुआ है, 55 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्वागत में उनको सोने से तोलने के लिए भेंट किया गया 56 किलो 857 ग्राम सोना सेंट्रल जीएसटी डिपार्टमेंट के सुपुर्द कर दिया गया है। इस सोने की वर्तमान कीमत करीब 31 करोड़ बतायी जा रही है। 55 साल चले इस मुकदमें में कई रोचक पहलू सामने आए हैं।

सेंट्रल जीएसटी की ओर से जयपुर से वरिष्ठ वकील संजीव पुरोहित, उदयपुर के वकील प्रवीण खंडेलवाल और भंवर सिंह देवड़ा ने पैरवी की।

सोना तो दे दिया, लेकिन प्रधानमंत्री नहीं आए..

जानकारी के अनुसार 55 साल पहले 1965 में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री चित्तौड़गढ़ आने का कार्यक्रम था। तब बड़ी सादड़ी निवासी गणपत लाल आंजना ने प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्वागत में उनको सोने से तोलने के लिए उनके वजन के बराबर करीब 56 किलो 857 ग्राम सोना तत्कालीन कलेक्टर को दिया था। हालां कि उस समय हुए किन्ही कारणों से प्रधानमंत्री शास्त्री के आने का कार्यक्रम टल गया और सोने से तोलने का कार्यक्रम नहीं हुआ। लेकिन वह सोना तत्कालीन प्रषासन के पास ही रह गया।

सोने के बदले योजना का लाभ लेने पर दर्ज हुआ मुकदमा

उस समय गणपत लाल आंजना ने इस सोने के बदले तत्कालीन समय में चल रही गोल्ड बॉन्ड योजना का लाभ भी ले लिया था। ऐसे में गणपत लाल के खिलाफ गोल्ड कंट्रोल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था और यह सोना गोल्ड कंट्रोल ऑफिसर के पास रखने के आदेष हुए थे। इसमें 1975 में अधिनस्थ अदालत ने धोखाधड़ी माना था और गणपत लाल के खिलाफ आदेश हुआ था।

2009 में सरकारी विभाग और सोने के मालिक के वारिसों ने कोर्ट में दावा पेश किया

2009 तक गोल्ड कंट्रोल ऑफिसर की पोस्ट खत्म हो गयी थी, तो एक्साइज डिपार्टमेंट ने उदयपुर के सीजेएम कोर्ट में अर्जी लगायी। एक्साइज विभाग ने तर्क दिया कि चूंकि गोल्ड कंट्रोल ऑफिसर की पोस्ट खत्म हो गयी है, ऐसे में यह सोना उन्हें सुपुर्द कर दिया जाए। इसके बाद गणपत लाल आंजना के परिवार ने भी कोर्ट में अर्जी लगाकर इस सोने पर दावा पेष किया।

इस बीच एक्साइज विभाग की जगह सेंट्रल जीएसटी ने ले ली है। ऐसे में कोर्ट में सेंट्रल जीएसटी की ओर से सोना उन्हें सुपुर्द करने की पैरवी की गयी। सेंट्रल जीएसटी की ओर से तर्क रखा गया कि इस सोने को विभाग को सुपुर्द करने के आदेश 1975 में भी कोर्ट ने दिए थे। कई पेशियों के बाद बुधवार को कोर्ट ने यह 56 किलो 857 ग्राम सोना सेंट्रल जीएसटी को सुपुर्द करने के आदेश दे दिए हैं।

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