क्षेत्र में कानून व्यवस्था नियंत्रण के बाहर
डूंगरपुर,(ARLive news)। डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा के डोली-रोतवाड़ा गांव में सैकड़ों आदिवासियों ने इकट्ठे होकर एक सरकारी स्कूल में दो लोगों को जबरन बंधक बनाया हुआ है। इन दोनों को बंधक बनाए हुए 24 घंटे से ज्यादा हो चुका है, हर पल कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन पुलिस आदिवासियों के सामने मानो लाचार है। पुलिस आदिवासियों से बातचीत तो कर रही है, लेकिन 24 घंटे बाद भी बंधक दोनों लोगों को छुड़ा नहीं पायी है।
जानकारी के अनुसार मामला डेढ़ महीने पहले हुए एक एक्सीडेंट से जुड़ा है। डोली-रोतवड़ा गांव के तीन युवकों की डेढ़ महीने पहले बाइक चलाते समय हुए एक्सीडेंट में मौत हो गयी थी। इसमें पुलिस ने भी जांच की और एक्सीडेंट में ही मामला दर्ज कर कार्यवाही की थी। लेकिन मृतक युवकों के परिजनों ने उनके बच्चों की मौत को एक्सीडेंट नहीं माना और उन्होंने कराड़ा गांव के दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया था। डेढ़ महीने में जब मृतक युवकों के परिजनों को उनके अनुसार पुलिस कार्यवाही होती नहीं दिखी तो उन्होंने कराड़ा गांव में उन युवकों के परिवारों पर चढ़ोतरा (हमला) कर दिया, जिन पर वे हत्या का आरोप लगा रहे थे।
युवक नहीं मिले तो उनके पिता को उठा कर ले आए
बुधवार दोपहर डोली-रोतवड़ा निवासी करीब सौ-डेढ़ सौ आदिवासियों ने हथियारों के साथ कराड़ा गांव में हमला बोल दिया था। इन लोगों ने पहले ने उन दोनों युवकों की तलाष, जब वे दोनों नहीं मिले तो इन युवकों के घरों पर हमला बोला और इन दोनों युवकों के पिता का जबरन मारपीट कर उठा कर डोली-रोतवड़ा गांव लेकर आ गए और यहां सरकारी स्कूल के भवन में बंधक बना लिया है।
मामले की जानकारी मिलते ही अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है। 24 घंटे होने के आ गए हैं, लेकिन पुलिस अधिकारी आरोपी आदिवासियों से सिर्फ बातचीत कर ही बंधक दोनों लोगों को छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें छुड़ाया नहीं जा सका है। आदिवासी उन दोनों युवकों को लाने की मांग कर रहे हैं, उन पर उन्होंने गांव के तीन युवकों की हत्या का आरोपी लगाया है।


