जयपुर,(ARLive news)। राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर ही विधायक दल की बैठक हुई। इसमें कांग्रेस के पक्ष में 102 विधायकों के पहुंचने का दावा किया है, इसमें 4 निर्दलीय हैं। सचिन पायलट समित 18 विधायक इस बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक में विधायक विश्वेन्द्र प्रताप सिंह शामिल नहीं हुए थे, लेकिन उन्होंने यह मैसेज कर दिया कि वे कांग्रेस पार्टी के साथ हैं।
जानकारी के अनुसार विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट सहित मुरारी लाल मीणा, गजेन्द्र सिंह शक्तावत, राकेष पारीक, जीआर खटाना, हरीश मीणा, इंद्राज गुर्जर, भंवरलाल शर्मा, दीपेन्द्र सिंह शेखावत, विजेन्द्र ओला, पीआर व्यास, हेमाराम चौधरी, इंदिरा मीणा, रमेश मीणा, विश्वेन्द्र सिंह, मुकेष भाकर, रामनिवास गावड़िया और सुरेश मोदी शामिल नहीं हुए हैं। संभावना है कि पार्टी इन विधायकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की सकती है।
क्यों अचानक नाराज हुए पायलट
पिछले कुछ दिनों से पार्टी में सचिन पायलट को पीसीसी अध्यक्ष पद से हटाने और दो उपमुख्यमंत्री बनाने की चर्चाएं चल रही थीं। इससे सचिन पायलट आहत थे, इसी बीच उन्हें विधायक खरीद-फरोख्त मामले में एसओजी ने पूछताछ के लिए एक नोटिस भेज दिया। बताया जा रहा है कि इन सब हालातों से सचिन पायलट नाराज हो गए और उन्होंने यह कदम उठाया।
पीसीसी कार्यालय से सचिन पायलट के पोस्टर हटाए गए
विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचने के बाद पीसीसी कार्यालय से भी सचिन पायलट के पोस्टर हटा दिए गए हैं। सचिन पायलट के पोस्टर हटते ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी हैं। इसमें अषोक गहलोत के करीबी माने जाते उदयपुर के पूर्व सांसद रघुवीर मीणा का नाम भी चल रहा है।


