जयपुर,(ARLive news)। राजस्थान में सियासी घमासान जारी है। कांग्रेस-भाजपा के विधायक की खरीद-फरोख्त को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का अपने समर्थक विधायकों के साथ दिल्ली जाने की खबरों और दिनभर चले बयानबाजी के बाद रात को सचिन पायलट के मीडिया सलाहकार की ओर से जारी हुए बयान ने इस घमासान को और तेज कर दिया है।
मीडिया सलाहकार की ओर जारी बयान में दावा किया गया है कि सचिन पायलट कल होने वाली कांग्रेस पार्टी के विधायकों की बैठक में शामिल नहीं होंगे। 30 कांग्रेस और निर्दलीय विधायक सचिन पायलट के साथ है और गहलोत सरकार अल्पमत है।
सचिन पायलट के मीडिया एडवायजर की ओर से जारी बयान के बाद अब कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं का दिल्ली से जयपुर पहुंचना भी शुरू हो गया है। डेमेज कंट्रोल के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला जयपुर पहुंच चुके हैं। कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी अविनाभ पांडे भी दिल्ली से जयपुर के लिए रवाना हो गए हैं, उन्होंने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा कि गहलोत सरकार को कोई खतरा नहीं है, सरकार अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।
दिनभर वायरल हुआ पायलट की पत्नी का ट्विट
सचिन पायलट की पत्नी साराह का ट्विट “बड़े-बड़े जादूगर के पसीने छूट जाते हैं, जब हम दिल्ली का रूख करते हैं” भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इधर खबर आ रही है कि एसओजी ने विधायक खरीद-फरोख्त के प्रयास के मामले में पूछताछ के लिए सीएम, डिप्टी सीएम सहित कांग्रेस के कुछ विधायकों को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन सीएम ने जिन तीन नेताओं गुलाब चंद कटारिया, राजेन्द्र सिंह राठौड़ और सतीश पूनिया पर सरकार गिराने के प्रयास करने का आरोप लगाया था, उनको एसओजी ने अभी तक कोई नोटिस जारी नहीं किया है। नोटिस नहीं मिलने की पुष्टि खुद गुलाब चंद कटारिया ने भी की है।
ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन सबके बीच घिरते नजर आ रहे हैं। अब इन सब आरोप-प्रत्यारोपों, कांग्रेस में चल रही आपसी कलह का पटाक्षेप तब ही हो सकता है जब सचिन पायलट सबके सामने आकर अपना स्टैंड स्पष्ट करें कि वे अब क्या करने जा रहे हैं।
गहलोत का ट्विट और विधायकों की प्रेस कॉन
सोशल मीडिया पर चल रही बातों, सचिन पायलट के विधायकों के साथ दिल्ली जाने और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का सीएम के आरोपों का खंडन करने के बीच खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उलझ रहे हैं। उन्होंने ट्विट कर कहा कि जारी हुए नोटिस को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। सीएम अशोक गहलोत ने ट्विट किया है कि “एसओजी को जो कांग्रेस विधायक दल ने बीजेपी नेताओं द्वारा खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी, उस संदर्भ में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, चीफ व्हीप एवं अन्य कुछ मंत्री और विधायकों को सामान्य बयान देने के लिए नोटिस आए हैं। कुछ मीडिया द्वारा इसको अलग ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है, जो उचित नहीं है।”
इसी बीच आज दिन में उन तीन विधायकों ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिनके दिल्ली में होने की की सूचनाएं चलायी जा रही थीं। दानिश अबरार, चेतन डूडी और रोहित बोहरा इन तीनों विधायकों ने कहा कि वे मरते दम तक कांग्रेस की सिपाही ही रहेंगे। तीनों ने बाड़ेबंदी की बात को भी सिरे से नकार दिया। इस दौरान रघु शर्मा, हरीश चौधरी, प्रताप सिंह खाचरियावास, शाले मोहम्मद, सुखराम बिश्नोई भी मौजूद रहे ।
दानिश अबरार ने कहा कि गुजबाजी के आरोप राज्यसभा चुनाव में लगे। परिणाम आपके सामने है। भाजपा का वोट खराब हुईए लेकिन कांग्रेस का नहीं हुआ। कल से हमारे नाम की चर्चा हुई। हम तो यहां बैठे हैं। जब हमने चुनाव लड़ाए हमें कांग्रेस के पंजे पर वोट मिले। हम हर रूप से हर तरह से कांग्रेस पार्टी के साथ है। कांग्रेस की ये परंपरा हैए जो आलाकमान फैसला करता हैए सभी उसके साथ होते हैं। दिल्ली जब से पैदा हुआ हूंए तब से दिल्ली जा रहा हूंए आज इसे विशेष बना दिया गया है। हम तीनों से तो भाजपा का किसी तरह का कोई सपर्क नहीं हुआ है।


