उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर-मेवाड़ अंचल के तीन वन्यजीव मण्डलों में 5 जून सुबह 6 बजे से 6 जून सुबह 6 बजे तक हुई वन्यजीव गणना में वन्यजीवों की संख्या गत वर्ष से बेहतर हुई है। मानो वन्यजीवों ने बढ़-चढ़ कर अपनी हाजिरी भरवायी हो। सबसे ज्यादा मोरी दिखायी दिए तो विलुप्त प्रजाति की रस्टी स्पोटेड कैट भी गिनती में आ गयी।
मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) आर.के.सिंह ने बताया कि विभागीय निर्देशों पर अधीनस्थ तीन वन्यजीव मण्डलों चित्तौड़गढ़ में सीतामाता, बस्सी वन्यजीव अभयारण्य तथा मृगवन चित्तौड़ किला, राजसमन्द में कुम्भलगढ व रावली टॉडगढ़ अभयारण्य तथा जिले के प्रादेशिक वन क्षेत्रों में, उदयपुर वन्यजीव मण्डल में सज्जनगढ, जयसमंद, फुलवारी की नाल अभयारण्य, जवाई बांध लेपर्ड कन्जर्वेशन रिजर्व व बाघदरा नेचर पार्क में ग्रीष्म वन्यजीव गणना का कार्य 5 से 6 जून तक किया गया।
इस वर्ष 5 जून को संपन्न ग्रीष्म वन्यजीव गणना में अधीनस्थ संरक्षित व अन्य क्षेत्रों के वॉटरहाल्स पर बघेरे (तेंदुए) 315, सियार 1644, जरख 447, जंगली बिल्ली 451, रस्टीस्पोटेड केट 01, लोमडी 415, भेडिया 22, भालू 320, बिज्जू 347, कब्र बिज्जू 85, चीतल 149, सांभर 521, नीलगाय 4382, चिंकारा 210, चौसिंगा 445, जंगली सुअर 2404, सेही 395, उडन गिलहरी 140, सारस 94, गिद्ध 114, जंगली मुर्गे 3924, मोर 7193 तथा मगरमच्छ 258 की संख्या में देखे गये।
2019 की अपेक्षा इस वर्ष की गणना में बढ़ोतरी दर्ज हुई
मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) आर.के.सिंह ने बताया कि वन्यजीव गणना 2019 की अपेक्षा इस वर्ष की गणना में महत्वपूर्ण वन्यजीव यथा बघेरो की संख्या में 23, सियार 561, भालू 36, सांभर 39, जंगली सुअर 119, सेही 21, गिद्ध 45, जंगली मुर्गे 529, मोर 288 की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
384 वाटरहॉल्स पर 752 व्यक्तियों ने की गणना
तीनों वन्यजीव मण्डलों के कुल 384 वॉटरहाल्स पर वन्यजीव गणना में 255 वनकार्मिको एवं 497 स्वयंसेवक शामिल हुए थे। 384 वॉटरहाल्स में से 32 वॉटरहाल्स पर कैमराट्रेप विधि से वन्यजीव संख्या गणना का कार्य किया गया।


