उदयपुर,(ARLive news)। सुखेर थाना क्षेत्र के चित्रकूट नगर में ईएसआई हॉस्पिटल के पास खाली प्लॉट में नाबालिक लड़के की पत्थर से कुचलकर की हत्या का खुलासा उस फोटो के कारण हुआ, जो कुछ दिन पहले रात्री गश्त के दौरान कांस्टेबल धनराज ने क्लिक की थी। यह फोटो उस नाबालिग लड़के (जिसकी हत्या हुई) और उसके साथ घूम रहे उसके पड़ोसी (जो आरोपी है) की थी।
एडि.एसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि रामनगर कच्ची बस्ती निवासी दीपक कुमावत (33) पुत्र माणकलाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दीपक कुमावत शराब पीने का आदि है और भंगार की चोरी कर उसे बेचकर मिले रूपयों से शराब पीता है।
दीपक कुमावत के पड़ोस में ही नाबालिक लड़का विजय ओड़ रहता था। माता-पिता नहीं होने से कोई ध्यान देने वाला नहीं था, गलत संगत में पड़ने से विजय ने छोटी-मोटी भंगार की चोरियां कर उससे मिलने वाले रूपयों से शराब पीनी शुरू कर दी थी। पहले तो वह अपने हम उम्र लड़कों के साथ ही चोरियां करता था, लेकिन कुछ समय से वह अपने से दोगुनी उम्र के पड़ोसी दीपक कुमावत की संगत में आ गया। विजय दीपक के साथ ही पूरे दिन घूमता था, भंगार चोरी करता था और भंगार को भेजकर जो रूपए मिलते उससे दोनों शराब पीते थे।
पड़े हुए मोबाइल को लेकर हुई छीना-झपटी
घटना के दिन दोनों खाली प्लॉट पर शराब पी रहे थे। विजय को एक मोबाइल कहीं सड़क पर पड़ा मिला था, जिसमें सिम नहीं थी। शराब पीने के बाद दीपक ने वह मोबाइल विजय से छीनना चाहा। छीना-झपटी में दोनों में झगड़ा हो गया और दीपक ने बड़ा पत्थर विजय के सिर पर मारकर उसकी हत्या कर दी। फिर घर जाकर सो गया और अगले दिन बुखार का बहाना बनाकर घर से नहीं निकला।
पिछले दिनों कांस्टेबल धनराज गश्त कर रहे थे। इस दौरान रात को विजय और दीपक घूमते हुए मिले थे। संदिग्ध लगने पर धनराज ने इनकी फोटो मोबाइल में क्लिक कर ली थी। हत्या के बाद जब विजय की शिनाख्त हुई तो उसके साथ वाले दीपक की तलाश की गयी। कांस्टेबल धनराज और राजेन्द्र सिंह को मुखबीर से पता चला कि हत्या वाले दिन भी ये दोनों साथ ही थे। इस पर दीपक पर पुलिस का संदेह गहराया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ हुई, जिसमें उसने हत्या करना कबूल कर लिया।
टीमः थानाधिकारी दुर्गा प्रसाद दाधीच के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल मुकेश चौधरी, अखिलेश्वर, कांस्टेबल सुरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, धनराज, जालमसिंह, गोविन्द सिंह, निम्बाराम, राकेश


