चूरू (ARLive news)। शहर में गुरुवार को करीब 70 किलामीटर प्रति घंटे की ज्यादा रफ्तार से आये रेतीले तूफान से 5 से 7 मिनट में दिन में अंधेरा छा गया। रेत भरा तूफान इतना तेज था कि सड़कों पर वाहन भी ठहर गए और दिन में ही वाहन चालकों ने लाइटें जला लीं।
मौसम विभाग के चूरू प्रभारी रवीन्द्र सिहाग ने बताया कि मौसम में बदलाव दोपहर करीब 11.45 बजे पर आया। इसके बाद उत्तरी-पश्चिमी दिशा से अचानक आये रेत के तूफानी बवंडर ने पुरे आसमान को अपनी आगोश में ले लिया। तूफान की स्पीड लगभग 70 से 80 किलामीटर प्रतिघंटा रही जबकि इसकी उंचाई 150 फीट तक हो सकती है। काली-पीली आंधी वाले इस तूफान के कारण दृश्यता शून्य दर्ज की गयी है। उन्होंने कहा कि दो जगह के वायुमण्डलीय दवाब में अंतर और पृथ्वी की गर्म सतह पर बारिश होने के कारण रेगिस्तानी इलाकों में इस तरह के रेतीले तूफान आते रहते हैं।
बता दें कि चूरू के अलावा सरदारशहर और रतनगढ़ में भी तेज तूफानी हवाओं के साथ धूल का जबर्दस्त रेतीला गुबार देखने को मिला।


