उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर के प्रसिद्ध जगदीश मंदिर से रथयात्रा निकालने को लेकर जारी असमंजस दोपहर बाद खत्म हो गया, जब प्रशासन की अनुमति के साथ पुजारी परिवार ने मंदिर परिसर में ही रथयात्रा निकाली। हालां कि इसमें सिर्फ पुजारी परिवार ही सम्मिलित हो सका और पुलिसकर्मियों ने भक्तगणों की कमी को पूरा करने का प्रयास किया। घंटाघर थानाधिकारी ने रथ की डोर को खींचकर रथयात्रा की शुरूआत की।
रथयात्रा को लेकर दोपहर तक असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जगन्नाथपुरी में जनसहभागिता के बिना निकल रही रथयात्रा का हवाला देकर अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली थी। सभी निराश थे, लेकिन मंदिर पुजारियों ने प्रयास जारी रखे। काफी प्रयासों पर दोपहर बाद पुलिस और देवस्थान विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर परिसर में ही रथयात्रा को प्रतीकात्मक रूप से निकालने पर सहमति बनी।
रथयात्रा में पुजारी परिवार से सिर्फ 10 सदस्य, मीडियाकर्मियों को शामिल होने की अनुमति मिली। इसके अलावा नियमों की पालना के लिए पुलिसकर्मी और देवस्थान अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले ही पुजारी परिवार अपनी तैयारियों को पुरा कर चुके थे।
भक्तों ने अपनी छतों से भगवान जगन्नाथ के दर्शन किये

भगवान जगन्नाथ को विधि विधान से निज मंदिर से बाहर लाया गया और रथ में विराजित कराया। भजन किर्तन पर झुमते गाते पुजारी परिवार के सदस्यों ने रथ को मंदिर से बाहर निकाला और फिर मंदिर की परिक्रमा कराई। इस मौके पर पुलिसकर्मियों ने आमजनता की भुमिका अदा की तो वहीं घंटाघर एसएचओ भवानी सिंह ने रथ की डोर को खिंचकर इसकी शुरूआत की। रथयात्रा पारंपरिक तरिके से ही निकाली गई, सिर्फ इस बार भक्तों की कमी मंदिर में खल रही थी।
भगवान जगन्नाथ की इस रथयात्रा को लेकर भक्त पुरे वर्ष इंतेजार करते हैं, लेकिन इस बार उन्हें रथयात्रा में शामिल होने का मौका नहीं मिला। हालांकि भक्तों ने अपने घरों की बालकनी से भगवान की आरती की और भावनात्मक रूप से रथयात्रा में शरीक हुए। मंदिर के समीप रहने वाले भक्तों ने अपनी छतों से जगन्नाथ के दर्शन किये और भजनों पर छत पर ही नाचते गाते भगवान पर पुष्प वर्षा की।


