उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर में वरिष्ठ आरएएस अधिकारी एमएल चौहान के कलेक्टर आनंदी के खिलाफ कोर्ट में दायर किए वाद के मामले में चौहान ने यू-टर्न ले लिया है। आरएएस एमएल चौहान ने सोमवार को कोर्ट में अपना वाद वापस लेने की एप्लीकेशन लगायी है, इधर कलेक्टर की ओर से भी कोर्ट में उस नोटिस के संबंध में जवाब पेश किया गया कि वह नोटिस निरस्त किया जा चुका है, जिस नोटिस के चलते एमएल चौहान ने वाद दायर किया है।
RAS एमएल चौहान के वकील श्रीराम शाकद्विपीय ने बताया कि गत वर्ष आरएएस एमएल चौहान को एक मीटिंग में अनुपस्थिति के चलते कलेक्टर आनंदी ने नोटिस दिया था। एमएल चौहान ने नोटिस का जवाब दिया था कि उन्हें मीटिंग की सूचना नहीं थी, इस कारण वे मीटिंग में उपस्थित नहीं हुए थे, ऐसे में इस नोटिस को निरस्त कर दीजिए। इसके बावजूद जब नोटिस निरस्त नहीं हुआ तो एमएल चौहान ने कोर्ट की शरण ली थी। इधर सोमवार को सुनवाई के समय कलेक्टर की ओर से जवाब पेश किया गया कि वह नोटिस पहले ही निरस्त किया जा चुका है। चूंकि दायर वाद उस नोटिस को निरस्त करवाने से संबंधित ही था और अब जब वह नोटिस निरस्त हो चुका है तो एमएल चौहान ने अपना वाद वापस लेने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन लगायी है।
कलेक्टर पर लगाए गंभीर आरोपों पर खड़े सवालों में फंसे एमएल चौहान
हालां कि आरएएस एमएल चौहान ने अपने दायर वाद में कलेक्टर आनंदी पर कुछ अन्य आरोप भी लगाए थे। कुछ आरोप ऐसे भी थे, जिन पर भरोसा किया जाना मुश्किल था, या यह कहें कि कई लोगों ने आरोप को खारिज भी कर दिया था। ऐसे में अब एमएल चौहान का कोर्ट में वाद वापस लेने की एप्लीकेशन लगाना उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी कई सवाल खड़े करता है। क्या एक वरिष्ठ आरएएस अधिकारी ने जिले की कलेक्टर पर इतने गंभीर आरोप सिर्फ नोटिस निरस्त करवाने के लिए लगा दिए थे..?

