सवाल : क्या टेस्ट की इस संख्या से हम उदयपुर में फैले कोरोना से जीत पाएंगे..?
उदयपुर,(ARLive news)। शहर में सोमवार सुबह तक 46 नए केस की पुष्टि हुई है। इससे उदयपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 179 हो गयी है। यह सभी संक्रमित उदयपुर एपी सेंटर कांजी का हाटा और आस-पास के मौहल्लों के ही हैं। यह बढ़ते हुए आंकड़े इसलिए भी चिंता बढ़ा रहे हैं कि चार दिन में हॉट स्पॉट बनने के बावजूद यहां कोरोना सैंपल टेस्ट की संख्या काफी कम है।
6 मई की रात कांजी का हाटा में होमगार्ड के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। विभाग से प्राप्त आंकड़ों के 7 मई को 127 लोग, 8 मई को 330, 9 मई को 471 और 10 मई को 330 लोगों के कोरोना टेस्ट हुए। मतलब 4 दिन में विभाग ने मात्र 1258 टेस्ट किए हैं। जिसमें मरीजों के रिपीट टेस्ट और वॉल सिटी से बाहर के क्षेत्र के लोगों के टेस्ट भी शामिल हैं। चार दिवारी शहरी क्षेत्र से अब तक 140 कोरोना संक्रमित पिछले 4 दिनों में मिल चुके हैं। जयह मान लें कि 1258 में 1200 टेस्ट वॉल सिटी के लोगों के किए होंगे, तब भी इन चार दिनों में हुए टेस्ट को देखा जाए तो वॉल सिटी में हर 8 से 9 व्यक्ति के टेस्ट में 1 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है।
वॉल सिटी की जनसंख्या करीब पौन 2 से 2 लाख है। तो क्या विभाग जिस गति से इस क्षेत्र में सैंप टेस्ट कर रहा है, वह काफी है..? जब उदयपुर में हर दिन 1000 लोगों का टेस्ट करने की क्षमता है तो प्रशासन संक्रमण के इस दौर में भी क्षमताओं का पूरा उपयोग क्यों नहीं कर रहा है..? ज्यादा से ज्यादा टेस्ट होने इसलिए जरूरी है, ताकि संक्रमित लोगों का पता चल सके और उनका उपचार शुरू हो। जब संक्रमित लोगों का पता ही नहीं चलेगा तो संक्रमण को कैसे रोका जा सकेगा..?
किराणे वाले और सब्जी वालों तक के टेस्ट नहीं हुए
जानकारी के अनुसार अभी तक विभाग ने उनके ही टेस्ट किए हैं जो कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हों, उनके पड़ोसी हैं या जिनमें सर्दी-खांसी के लक्षण हो। लेकिन जब सीएमएचओ खुद बोल चुके है कि अधिकतर कोरोना पॉजिटिव बिना लक्षणों के सामने आए हैं, तो क्या प्रशासन द्वारा सैंपल टेस्ट की यह रणनिति पूरी तरह सटीक साबित होगी..?
वॉल सिटी में भले ही कर्फ्यू लगा दिया गया हो, लेकिन अभी तक यहां सभी किराणे वाले और सब्जी वालों के तक टेस्ट नहीं हुए हैं। जिनके संक्रमण के चपेट में आने की सबसे ज्यादा आशंका है। कुछ किराणे वालों ने तो टेस्ट करवाना चाहा भी, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। खुद को पॉजिटिव मानकर वे खुद ही घर में अपना इलाज कर रहे हैं और खुद को क्वॉरंटीन किया हुआ है। डर है कि ऐसे तो स्थिति ज्यादा भयावह हो जाएगी..!
अन्य क्षेत्रों में भी नहीं कर रहे रेंडम सैंपलिंग
कांजी का हाटा में कोरोना संक्रमण मौजूद है, इसकी अंदेशा तब हुआ जब होमगार्ड ने खुद लक्षण दिखने पर अपना टेस्ट हॉस्पिटल जाकर करवा लिया। होमगार्ड टेस्ट नहीं करवाता तो हम शायद अभी भी इसी ही गलतफहमी में होते कि उदयपुर तो सुरक्षित है। होमगार्ड के बाद जब विभाग ने सैंपल टेस्ट करने शुरू किए तो चार दिन में संख्या 15 से 179 पर पहुंच गयी है। तो विभाग को अन्य क्षेत्रों में भी संक्रमण का पता करने के लिए रेंडम सैंपल टेस्ट नहीं करने चाहिए। लेकिन प्रशासन ने इस ओर अभी तक ध्यान नहीं दिया है।



