लकी जैन,(ARLive news)। देश कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है। केन्द्र, राज्य सरकारें, जिलों के प्रशासन सहित हर नागरिक अपने स्तर पर कोरोना की रोकथाम के प्रयास कर रहा है। कोरोना को लेकर लॉकडाउन 21 दिन से बढ़ाकर अब 40 दिन मतलब 3 मई तक कर दिया गया है। यहां एक बात गौर करने वाली है कि 21 दिन पहले 24 मार्च का पहले चरण का लॉक डाउन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “PM CARES FUND“ नाम से फंड लॉन्च किया था और जनता से अपील की थी कि इसमें ज्यादा से ज्यादा डोनेशन कर इस महामारी से निपटने में सहयोग करें।
लेकिन उन्होंने तब “पीएम केयर्स फंड” के बारे में यह जानकारी नहीं दी थी कि यह पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट “प्राइवेट” है या “केन्द्र सरकार” के अधीन है। आधी जिंदगी वाट्स-एप पर बिताने वाले और पेटीएम से लेने-देन करने वाले हमारे कई युवाओं को तो प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष और पीएम केयर्स फंड एक ही लगते हैं।
लोगों की जानकारी में यह आना जरूरी है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की अंग्रेजी Prime Minister National Relief Fund है, यह जनवरी 1948 में बनाया गया था। जबकि “PM CARES FUND” 27 मार्च 2020 को बना है, इसका पूरा नाम Prime Minister”s Citizen Assistance and Relief in Emergency Situation Fund है। दोनों ही फंड अलग है।
चूंकि “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष” सरकारी प्रक्रियाओं के अधीन आता है, इसकी सरकारी प्रक्रिया में इसकी ऑडिट होती है, तो पारदर्शिता रहती है। जनता का प्रधानमंत्री मोदी से निवेदन है कि पीएम केयर्स फंड को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति को स्पष्ट करें और अगर पीएम केयर्स फंड केन्द्र सरकार के अधीन नहीं है, या सरकारी प्रक्रियाओं के प्रति जवाबदेह नहीं है तो इसे सरकारी प्रक्रियाओं के अधीन लाया जाए, ताकि सरकार के स्तर पर इसकी ऑडिट हो सके और जनता की गाढ़ी कमाई से जुटी इस डोनेशन राशि के आवक-जावक में पारदर्शिता बनी रहे।
अब लॉक डाउन का पहला चरण 21 दिन पूरे हो चुके हैं। अब लॉकडाउन का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। ऐसे में जनता प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछ रही है कि आपने “पीएम केयर्स फंड” में हजारों लोगों द्वारा जमा करवायी गयी करोड़ों की राशि को अब तक कैसे-कैसे खर्च किया है..? कितने हजार लोगों ने कितने करोड़ जमा करवाए हैं..? यह राशि किस-किस राज्य को कितनी कितनी दी गयी है..? जनता सवाल पूछ रही है, क्यों कि उन्होंने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई कोरोना महामारी के दौर में देश की जरूरतमंद जनता और कोरोना वॉरियर्स की मदद के लिए दी है।
प्रधानमंत्री मोदी से जनता का निवेदन है कि वे जब भी जनता को अगली बार संबोधित करें, तो पीएम केयर फंड की राशि का हिसाब भी जरूर बताएं। ताकि आमजनता को यह पता चल सके कि उनकी दी गयी राशि देश और देशवासियों के किस तरह से काम आ रही है।
यहां एक बात ध्यान में लाना जरूरी है कि पीएम केयर फंड को लेकर गत दिनों कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी ने भी सुझाव देते हुए कहा था कि पीएम केयर फंड में आयी हुई समस्त राशि को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में ट्रांसफर कर देना चाहिए। चूंकि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष सरकार के अधीन है तो आमजन की गाढ़ी कमाई से आयी इस डोनेशन में पारदर्षिता भी बनी रहेगी।


