जयपुर,(ARLive news)। प्रदेश में मंगलवार को 108 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। सर्वाधिक जयपुर में 83 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद इसके बाद राजस्थान में संक्रमितों का आंकड़ा 1000 से अधिक 1005 हो गया है। इधर उदयपुर के लिए कलेक्टर आनंदी ने बताया है कि मल्लातलाई में लागू कर्फ्यू 16 को हट जाएगा, लेकिन सरकार के निर्देशानुसार उदयपुर में लॉकडाउन जारी रहेगा।
कोरोना संक्रमण को लेकर जयपुर में प्रशासनिक और सीएमएचओ के स्टाफ की ओर से ही बड़ी लापरवाही सामने आयी है। इसको लेकर जयपुर में सांगानेर विधायक ने सवाल भी उठाया है। सांगानेर के विधायक अशोक लाहोटी ने बताया कि सीएमएचओ जयपुर के यहां लगी एंबुलेंस का ड्राइवर जो कोरोनावायरस जांच करने का किट लेकर सभी सीएचसी व पीएचसी वह अन्य सेंटरों पर जा रहा है, वह खुद ही कोरोनावायरस पॉजिटिव निकला है।
लाहोटी ने बताया कि मंगलवार को यह एंबुलेंस ड्राइवर स्वयं तथा सांगानेर का ही एक मेडिकल स्टाफ कोरोना जाँच किट लेकर सांगानेर सीएचसी पर आए वहां पर लगभग 2 घंटे रुके थे। ऐसा जानकारी में आया है कि 2 दिन पूर्व यही ड्राइवर इस एंबुलेंस को लेकर रामगंज गया था और उसका सैंपल टेस्ट करने के लिए भेजा गया था, इसके बावजूद वह सभी सेंटर्स पर घूमता रहा। मंगलवार को आयी रिपोर्ट में वह कोरोना संक्रमित निकला है।
यही सब गलतियां इटली स्पेन वह न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों ने की थी जो हम कर रहे है
यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है, एक तरफ देश की सभी सरकारें और जनता स स्थिति से निपटने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर रहे है, वहीं बार-बार सुझाव देने के बाद भी रामगंज को अभी तक सील्ड नहीं किया जा रहा लाहोटी ने बताया कि 2 दिन में ही यह ड्राइवर तथा स्टाफ पता नहीं कितनी जगह पीएचसी सीएचसी व अन्य जगहों पर मेडिकल के कार्यों से गया होगा, वह सारी जगह तुरंत प्रभाव से चेक की जानी चाहिए। साथ ही उन सभी लोगों के सैंपल लेकर उनको तथा उनके परिजनों को क्वॉरेंटाइन किया जाना चाहिए।
लाहोटी ने बताया कि 1 दिन पूर्व ही स्वयं मुख्यमंत्री जी के साथ वीसी मीटिंग में मैंने कहा था कि रामगंज को पूर्ण रूप से शील्ड किया जाए। वहां पर लगे हुए डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मी व अन्य सभी सरकारी कर्मचारियों को वहीं पर सेंटर बनाया जाए। रामगंज क्षेत्र से बाहर आने जाने पर संपूर्ण प्रतिबंध लगे। लाहोटी ने कहा यही सब गलतियां इटली, स्पेन व न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों ने की थी जो हम कर रहे है।


