भोपाल,(ARLive news)। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिय। कोरोना के चलते फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस का एक भी विधायक विधानसभा नहीं पहुंचा और भाजपा के 107 विधायकों ने सर्वसम्मति में हां भरकर विश्वासमत प्रस्ताव पारित कर दिया। इस तरह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विश्वास मत हासिल कर लिया और इस तरह पिछले एक महीने से मध्यप्रदेश की राजनीति में आया भूचाल खत्म हो गया।
मंगलवार को स्पीकर एनपी प्रजापति ने भी इस्तीफा दे दिया था। जिसके चलते विधायक जगदीश देवड़ा ने सदन की पूरी कार्यवाही करवायी। इसके बाद विधानसभा सत्र 27 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
चौथी बार सीएम बने शिवराज सिंह
शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री चौथी बार बने हैं। मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार में तीन बार लगातार मुख्यमंत्री रहने के बाद गत चुनाव में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनायी थी। यह सरकार 1 साल 3 महीने ही टिक पायी और सोमवार को शिवराज सिंह चौहान ने 1 साल 3 महीने 6 दिन बाद फिर एक बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
बहुमत साबित करने के लिए 104 वोट जरूरी, भाजपा के पास 107
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। 2 की मृत्यु और 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद वर्तमान समय में कुल विधायकों की संख्या 206 है। ऐसे में बहुमत साबित करने के लिए 104 वोट जरूरी है। जबकि अभी भाजपा के पास 107 विधायक हैं। कांग्रेस के पास अभी 92 विधायक हैं, बसपा के 2, सपा के 1 और 2 निर्दलीय विधायक हैं। कांग्रेस के 92 और दो निर्दलीय विधायक विधानसभा में मंगलवार को रहते तो वोटिंग की जाती। शिवराज ने विश्वास मत पेश करते हुए कहा कि राज्यपाल ने सरकार को 15 दिन में बहुमत साबित करने को कहा हैए इसलिए वे विश्वास मत पेश कर रहे हैं। बची हुई 24 सीटों पर छह महीने पर चुनाव होंगे।


