प्रदेश में 1100 लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है
जयपुर,(ARLive news)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में कोरोना वायरस से लोगों की जीवन रक्षा के लिए कुछ आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागों को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, राजकीय निगमों एवं मंडलों में 31 मार्च तक शट डाउन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश में सभी स्कूलों एवं कॉलेज विद्यार्थियों की समस्त परीक्षाओं को आगामी आदेश तक स्थगित करने के भी निर्देश दिए हैं।
गहलोत ने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों सहित जहां भी सम्भव हो, इस बीमारी की जांच के लिए लैब विकसित किए जाने के प्रयास करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को समय पर जांच की सुविधा मिल सके।
इधर उदयपुर में भी गुरूवार का कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें निर्णय लिया गया कि पर्यटन स्थल फतहसागर की पाल पर 31 मार्च तक आमजन का प्रवेश निषेध रहेगा। इसके अलावा चेकपोस्ट के जरिए उदयपुर आने वाले स्थानीय व विदेशी नागरिकों की सूचना एकत्र की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के एयरपोर्ट से आने वाले स्थानीय व विदेशी नागरिकों की सूचना एकत्र करने के उद्देश्य से अन्तर्राज्यीय सड़कों पर आरटीओ कार्यालय के निर्देशन में चैकपोस्ट स्थापित की जाएं।
आवश्यक सेवाओं से जुडे़ इन विभागों में नहीं होगा शट डाउन
मुख्यमंत्री गहलोत ने गुरूवार को कोरोना वायरस से संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक में कहा कि इस महामारी से बचाव के लिए इटली से सबक लेते हुए सभी माकूल इंतजाम तत्परता के साथ सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस वायरस के फैलाव के लिए अगले दो सप्ताह विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, ऐसे में इस बीमारी से जीतने के लिए हर व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभानी होगी।
आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सरकार कार्यालयों में 31 मार्च तक शट डाउन रहेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुर्वेद, ऊर्जा, सभी विद्युत निगम, जलदाय, स्वायत्त शासन, नगरीय निकाय, गृह एवं पुलिस, कारागार, गृह रक्षा एवं एफएसएल, वित्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आपदा प्रबंधन एवं सहायता, पंचायतीराज, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, कार्मिक (आवश्यक शाखाएं), परिवहन मय रोडवेज एवं अन्य शहरी बस निगम, जयपुर मेट्रो, सामान्य प्रशासन, स्टेट मोटर गैराज, विधि तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में शट डाउन नहीं होगा। शेष विभागों में 50 प्रतिशत कार्मिक कार्यालय में उपस्थिति देंगे तथा 50 प्रतिशत घर से कार्य (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे। कार्मिक घर से ऑनलाइन कार्य भी कर सकेंगे।
अवकाश नहीं, मुख्यालय भी नहीं छोड़ सकेंगे कार्मिक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शट डाउन का मतलब अवकाश नहीं है। कार्मिकों को आवश्यकता होने पर कार्यालय में उपस्थित होना होगा। केवल चिकित्सा कारणों एवं पारिवारिक आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर किसी प्रकार के अवकाश एवं मुख्यालय छोड़ने की अनुमति इस अवधि के दौरान नहीं होगी। सचिवालय में उप सचिव एवं संयुक्त सचिव स्तर तथा इससे उच्च स्तर के अधिकारियों पर, विभागाध्यक्षों के कार्यालयों में उप निदेशक/अधिशासी अभियंता स्तर एवं इससे उच्च स्तर के अधिकारियों पर शट डाउन लागू नहीं होगा। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर कार्यालय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों पर भी यह लागू नहीं होगा। जिला स्तरीय अधिकारी अपने कार्यालय में रोटेशन के आधार पर न्यूनतम कर्मियों की उपस्थिति तय करेंगे, जो 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
स्पा, क्लब, बार बंद रहेंगे, निजी फैक्ट्रियों में वर्क फ्रॉम होम हो
सीएम ने निर्देश दिए कि आगामी आदेश तक प्रदेश में स्पा, क्लब, बार आदि को बंद कर दिया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी निजी फैक्ट्रियों को कार्यस्थल पर स्वच्छता एवं कोरोना से बचाव के आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के लिए पाबंद करें। साथ ही उन्हें यह भी एडवाइजरी जारी की जाए कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा तथा सवैतनिक अवकाश दिया जाए।
मनरेगा श्रमिकों को कार्यस्थल पर नहीं बुलाएं, मानदेय का भुगतान होगा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मनरेगा श्रमिकों को 31 मार्च तक कार्यस्थल पर आने से रोक दिया जाए। इस अवधि में उनके द्वारा रोजगार मांगने पर नियमानुसार मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
होम आइसोलेशन की पालना नहीं करने वालों पर करें कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि इस बीमारी से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है कि लोग घर पर ही रहें। जिन व्यक्तियों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं, अगर वे होम आइसोलेशन के निर्देशों की पालना नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 में कार्रवाई की जाए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में 1100 लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से 265 जयपुर में हैं।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवरसिंह भाटी, शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया, शासन सचिव शिक्षा मंजू राजपाल, शासन सचिव उच्च शिक्षा शुचि शर्मा, शासन सचिव श्रम नीरज के पवन, आयुक्त सूचना एवं जनसम्पर्क महेन्द्र सोनी, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसमएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


