उदयपुर,(ARLive news)। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सरकार के निर्देश पर उदयपुर प्रशासन ने भले ही मॉल, पिक्चर हॉल, मंदिर, जिम, स्कूल, कॉलेज, पर्यटन स्थल सहित बड़े समारोहों पर भी रोक लगा दी हो, लेकिन इस बीच एक सच यह भी है कि उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में कोरोना के मरीजों को रखने के लिए मात्र एक कमरे का वार्ड है। उपयुक्त व्यवस्था नहीं होने से एक से अधिक संदिग्ध मरीजों को यहां एक साथ रखा जा रहा है।
ईश्वर न करे कि ऐसा हो, लेकिन अगर उदयपुर में कोरोना का एक या इससे अधिक पॉजिटिव केस आ जाते है तो प्रशासन के पास इन मरीजों को भर्ती करने के लिए कोई पर्याप्त जगह या वार्ड तक नहीं हैं।
बुधवार को भी एक संदिग्ध मरीज हॉस्पिटल में भर्ती हुआ
बुधवार को भी एमबी हॉस्पिटल में कोरोना का एक संदिग्ध मरीज भर्ती किया गया है। इन्हें भी कोरोना वार्ड के उस एकलौते कमरे में ही रखा गया है। मरीज के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने तक मरीज इसी वार्ड के एकलौते कमरे में भर्ती रहेगा। अब इस दौरान अगर कोई दूसरा संदिग्ध मरीज आ जाता है तो उसे भी हॉस्पिटल प्रशासन इसी कमरे में पहले मरीज के साथ ही रखेगा। अब तक उदयपुर में कोरोना के 17 संदिग्ध मरीजों की जांच हो चुकी है। इनमें से दो-तीन मरीजों के एक ही दिन में आने से इन्हें एक साथ एक कमरे में भर्ती कर रखा गया था। गनीमत रही कि इनमें से किसी की भी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आयी।
कोई संदिग्ध मरीज कोरोना पीड़ित हो सकता है और कोई नहीं, ऐसे में उन्हें एक साथ रखना इसके संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है। और अगर कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती होता है, तो संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने के लिए हॉस्पिटल प्रशासन के पास कोई स्थान ही नहीं बचेगा।
कोरोना वार्ड में 14 क्यूबिकल बना रहे हैं : पोसवाल, अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल
एमबी हॉस्पिटल के अधीक्षक लाखन पोसवाल ने बताया कि कोरोना वार्ड में अभी एक साथ दो संदिग्ध मरीज आ जाते हैं तो उन्हें दूर-दूर रखा जा रहा है। गाइडलाइंस के अनुसार वार्ड ओवर क्राउडिंग नहीं होना चाहिए और वेंटिलेंशन अच्छा होना चाहिए, कोरोना वार्ड फर्स्ट फ्लोर पर है, तो वेंटीलेशन अच्छा है। भविष्य की आशंका को देखते हुए वार्ड में 14 बैड के क्यूबिकल तैयार किए जा रहे हैं, इससे एक वार्ड में रखे सभी 14 बैड के बीच पार्टिशियन हो जाएगा।


