उदयपुर,(ARLive news)। जिले के सायरा थाना एसएचओ शंकरलाल राव को निलंबित कर दिया गया है। इसके आदेश जिला पुलिस अधीक्षक कैलाश चन्द्र विश्नोई ने मंगलवार का जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार सोमवार रात एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गंभीर हालत में एमबी हॉस्पिटल में भर्ती होने का मामला सामने आया था। चिकित्सा अधिकारी की सूचना पर डीएसपी हॉस्पिटल पहुंची। तब पता चला कि पीड़िता 12 मार्च को ही थाने पहुंची थी, लेकिन तब थाना पुलिस ने न तो मामले को गंभीरता से लिया, न ही पीड़िता का मेडिकल करवाया और न ही कोई कार्यवाही की। ऐसे में अधिकारियों से एसएचओ शंकरलाल राव निलंबित कर दिया है।
गौरतलब है कि नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता अपने पिता के साथ 12 मार्च को सायरा थान पहुंची थी। उसने रिपोर्ट दी थी कि वह होलिका दहन के दिन बहन के साथ घर लौट रही थी। रास्ते में किरण पुत्र प्रकाश और उसका भतीजा कैलाश पुत्र हुसा गरासिया आए। बहन को डरा धमका कर भगा दिया और पीड़िता को जबरन उनके घर ले गए। जहां तीन दिन तक बंधक बनाकर कैलाश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। 12 मार्च को आरोपी पीड़िता को उसके घर के नजदीक छोड़कर फरार हो गए थे। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती बतायी। पीड़िता पिता के साथ थाने पहुंची और रिपोर्ट दी।
लेकिन पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट को न तो गंभीरता से लिया और न ही मेडिकल करवाया। पीड़िता अगले दिन पिता के साथ फिर थाने पहुंची तो उसे फिर टरका दिया गया। सोमवार को जब पीड़िता की हालत बिगड़ी तो परिजन उसे गोगुंदा अस्पताल ले गए, वहां डॉक्टर ने पुलिस की तहरीर नहीं होने से प्राथमिक उपचार कर उसे उदयपुर एमबी हॉस्पिटल रैफर कर दिया। जब पीड़िता उदयपुर एमबी हॉस्पिटल पहुंची तो मामला खुला। देररात डीएसपी ने हॉस्पिटल पहुंचकर पीड़िता के बयान लिए।


