नई दिल्ली,(ARLive news )। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को इस दशक का पहला बजट 2020-21 पेश किया। इसमें सरकार ने टैक्स स्लैब बढ़ाकर उसमें आम जनता को आयकर में रियायत दी है, लेकिन सरकार ने टैक्स रियायतों के जरिये बचत प्रोत्साहित करने की नीति खत्म कर दी है, इससे अब बचत में गिरावट बढ़ेगी, क्योंकि जो रियाततें वापस ली गई हैं, उसके तहत बीमा, मेडिक्लेम, छोटी बचत स्कीमों पर असर पड़ेगा, इस वजह से हाउसिंग भी प्रभावित होगी, अब होम लोन पर टैक्स छूट भी नई स्कीम का हिस्सा होगी।
सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम एलआईसी का बढ़ा हिस्सा बेचने का भी एलान किया है। हालां कि अभी यह पता नहीं चला है कि सरकार एलआईसी की कितनी हिस्सेदारी बेचेगी। सरकार एलआईसी का आईपीओ लाएगी। इसी प्रकार आईडीबीआई में भी हिस्सेदारी बेची जाएगी। बजट आने के साथ ही सेंसेक्ट 600 अंक तक गिरा और शेयर बाजार में निराशा छा गयी है।
पढ़िए बजट की मुख्य घोषणाएं
मिडिल क्लास को राहत, 15 लाख तक की सालाना कमाई पर टैक्स घटा
- 0% – 5 लाख की कमाई तक
- 10% – 5-7.5 लाख कमाई पर.
- 15% – 7.5 – 10 लाख कमाई पर.
- 20% – 10 – 12.5 लाख कमाई पर.
- 25% – 12.5 – 15 लाख कमाई पर.
- 30% – 15 लाख और अधिक से ऊपर की कमाई पर.
नए टेक्स स्लैब में कोई छुट नहीं मिलेगी, नए टेक्स स्लैब में टेक्स छूट की व्यवस्था ख़त्म
लेखा परीक्षा के लिए कुल कारोबार की उच्चतम सीमा 5 करोड़ रुपये
सस्ते मकान की खरीद के लिए 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त कटौती को एक वर्ष बढ़ाने का प्रस्ताव
अब बैंकों में 5 लाख की जमा राशि सुरक्षित होगी, बेंको में जमा पैसो का बीमा बढ़ाया गया।


