नई दिल्ली,(ARLive news)। उत्तर प्रदेश में नागरिकता कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों के पीछे पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) का हाथ होने की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि सीएए विरोधी हिंसा के पीछे पीएफआई का हाथ था और इसी ने देश के तीन वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, इंदिरा जयसिंह और दुष्यंत ए दवे को लाखों रुपये का भुगतान किया था।
हालां कि वकील कपिल सिब्बल और दुष्यंत ए दवे ने एक चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें यह पैसे हादिया केस में प्रोफेशनल फीस के तौर पर मिले हैं। यह पैसे उन्हें साल 2017 और 2018 में मिले है। उनका कहना है कि वह इस मामले में औपचारिक बयान जारी करेंगे। साथ ही सबूत के तौर पर हस्ताक्षरित चेक पेश करेंगे।
पीएफआई की गतिविधियों की जांच कर रही ईडी को पीएफआई और उससे जुड़े करीब 73 बैंक एकाउंट की जानकारी मिली है। इस मामले में रेहाब इंडिया फाउंडेशन का भी जिक्र ईडी ने किया है। ईडी के सूत्रों का कहना है कि करीब 120 करोड़ रुपये का फंड सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए प्रयोग में लाया गया।


