नई दिल्ली,(ARLive news)। थल सेना प्रमुख रहे जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस (सीडीएस) नियुक्त किए गए हैं। ऐसे में मंगलवार को लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने 28वें थल सेना प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। 3 साल सेना प्रमुख रहे जनरल बिपिन रावत ने नरवणे को चार्ज देने से पहले कहा कि सेना प्रमुख का काम कठिन होता है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने थलसेना प्रमुख एवं चीफ ऑफ स्टॉफ कमेटी (सीओएससी) के अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस (सीडीएस) नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। सीएम ने कहा कि देश की सुरक्षा की द्दष्टि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को राष्ट्रहित से जुड़े इस अति महत्वपूर्ण पद की घोषणा की थी। सीडीएस से तीनों सेनाओं के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा देश की सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक मजबूत होगी।
नरवणे ने डोकलाम विवाद के दौरान चीन को उसकी हद बताई थी
जनरल रावत ने मंगलवार को बतौर सेना प्रमुख आखिरी बार परेड की सलामी ली, उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि कुछ काम अधूरे रह जाते हैं, नई जिम्मेदारी लेने के बाद योजनाएं बनाऊंगा। नॉर्दर्न, ईस्टर्न, वेस्टर्न और बर्फीले इलाकों में मोर्चे पर तैनात जवानों को शुभकामनाएं देता हूं। जो जान की परवाह किए बिना देश की सेवा में लगे हैं। वे अपने परिवार को छोड़कर सीमा पर तैनात रहते हैं। मुझे विश्वास है कि नरवणे अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाएंगे।
नए सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे इससे पहले 1 सितंबर 2019 को उप-थलसेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। वे सेना की ईस्टर्न कमांड के प्रमुख भी रहे। वे कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन और पूर्वी मोर्चे पर इन्फैन्टियर ब्रिगेड की कमान संभाल चुके हैं। नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी के छात्र रहे नरवणे को सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल से अलंकृत किया जा चुका है। नरवणे ही वे आर्मी कमांडर हैं, जिन्होंने डोकलाम विवाद के दौरान चीन को हद बताई थी।


