नई दिल्ली,(ARLive news)। राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की पुर्नविचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को सुनवाई कर खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का इस फैसले को केन्द्र सरकार के लिए राहत माना जा रहा है। हालां कि सुप्रीम कोर्ट ने पुर्नविचार याचिका खारिज करते हुए फैसले में यह भी कहा है कि अगर नए तथ्य आते हैं तो सीबीआई से जांच कर सकती है। अभी पुर्नविचार याचिका पर सुनवायी की जरूरत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय अभी तो केन्द्र सरकार के लिए राहत की बात बतायी जा रही है, लेकिन कभी आने वाले सालों या दशक में केन्द्र सरकार बदलती है तो राफेल मामले में नए तथ्य भी लाए जा सकते हैं और इसके आधार पर सीबीआई जांच भी शुरू करवायी जा सकती है।
अक्सर ऐसा देखा भी गया है कि केन्द्र में सरकार बदलने के बाद बनने वाली नयी सरकार पिछली सरकार के दौरान हुए सौदों की प्रक्रिया की जांच अक्सर करवाती है और इसके लिए सीबीआई, ईडी जैसी एजेंसियों का सरकारें उपयोग करती हैं। ऐसा केन्द्र में रहकर कांग्रेस सरकार ने भी किया और वर्तमान भाजपा सरकार भी कर रही है।
गौरतलब है कि राफेल विमान सौदे मामले में शीर्ष अदालत के 2018 के आदेश पर वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण समेत अन्य लोगों की ओर से पुनर्विचार के लिए याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे, साथ ही ‘लीक’ दस्तावेजों के हवाले से आरोप लगाया गया था कि सौदे में पीएमओ ने रक्षा मंत्रालय को बगैर भरोसे में लिए अपनी ओर से बातचीत की थी। आज गुरूवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ इस पुनर्विचार की याचिका को खारिज कर दिया है।


