उदयपुर,(ARLive News)। शहर के रामपुरा चौराहा स्थित हरिओम हॉस्पिटल की अवैध निर्माणाधीन मंजिल की छत गिरने से वहां मजदूरी कर रहे श्रमिक पई निवासी राजू मीणा की मौत हो गयी। हादसे की सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। इकट्ठे हुए परिजनों और ग्रामीणों ने 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर शव लेने से इनकार कर दिया। सुबह से लेकर देर शाम तक पुलिस समझाइश के प्रयास करती रही, लेकिन कोई खास परिणाम नही निकला।
नाई थाना पुलिस हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर रही है। एडिशनल एसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि हॉस्पिटल मालिक (जिम्मेदार प्रबंधन) के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज कर रहे है। एफआईआर में हॉस्पिटल बिल्डिंग के मौके के हालात आ जायेंगे और जांच में इसके अवैध निर्माण को लेकर सम्बंधित अधिकारियों से रिपोर्ट ले ली जाएगी। अगर इसका अवैध निर्माण का केस चल रहा है, इसके बावजूद इसने निर्माण जारी रखा और लापरवाही बरती, तो ये और भी गंभीर मामला हो जाता है।
अवैध निर्माण का एसडीएम कोर्ट में चल रहा मामला
यूआईटी के कार्यवाहक सचिव बाल मुकुंद असावा ने बताया कि इस हॉस्पिटल बिल्डिंग के अवैध निर्माण को लेकर एसडीएम कोर्ट में केस चल रहा है। तहसीलदार ने हॉस्पिटल प्रबंधन को नोटिस दिए। हॉस्पिटल प्रबंधन ने एसडीएम कोर्ट की परिवाद लगाया। इस केस पर करीब करीब फाइनल हियरिंग चल रही है।
अवैध निर्माण के चलते कच्ची छत-दीवार पर करा दिया प्लास्टर, रंग
बताया जा रहा है कि इस हॉस्पिटल के पास 6 मंजिल के निर्माण की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद हॉस्पिटल प्रबंधन ने 6 मंजिल का हॉस्पिटल खड़ा कर दिया। गत दिनों हॉस्पिटल में छठवीं मंजिल के निर्माण का कार्य शुरू हुआ। 2-3 दिन पहले ही दीवारों के निर्माण करवा छत डाली गई थी। छत सुखी भी नही थी कि उस पर प्लास्टर और रंग भी करवा दिया। छत मजबूत नही हुई और मंगलवार सुबह जब राजू मीणा वहां मजदूरी कार्य कर रहा था, तब छत-दीवार भरभरा कर उसके ऊपर गिर पड़ी। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं 3 से 4 मजदूर घायल भी हुए हैं।


