उदयपुर,(ARLive news)। राज्य सरकार के निर्देश पर रविवार को राज्य की 196 सीटों पर होने वाले निकाय चुनावों के महापौर, अध्यक्षों के लिए लॉटरी निकाली गयी। इसमें तय हुआ कि उदयपुर शहर में आने वाले पांच सालों के लिए ओबीसी श्रेणी का कैंडीडेट ही महापौर बनेगा। वहीं कानौड़ और फतहनगर नगर पालिका सीट एसटी महिला के नाम से आरक्षित हुई है। कानौड़ और फतहनगर में एसटी वर्ग की महिला ही अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर सकेगी। वहीं उदयपुर शहर की लॉटरी में ओबीसी सीट निकली है।
लॉटरी खुलने के बाद से पार्टी में दावेदारों ने संघटन स्तर पर महापौर की दावेदारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालां कि राज्य सरकार के निर्णय के बाद दोनों ही पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बोर्ड में हाईब्रिड महापौर भी आ सकते हैं।
भाजपा दावेदार : केके कुमावत पूर्व पार्षद, मनोज चौधरी और छोगालाल भोई डेन मेवाड़ से प्रचलित और पार्षद पति
कांग्रेस दावेदार : त्रिलोक पूर्बिया पूर्व विधायक, लोकेश चौधरी सुभाष नगर, राजीव सुहालका सहेलीनगर
ऐसे निकलती है लॉटरी
कुल 196 सीटों की लॉटरी निकाली गयी। इसमें पहले 33 प्रतिशत महिला सीट की लॉटरी निकली। जिन महिला सीट के नाम आए, वे महिला आरक्षित सीट हो गयीं। इसके बाद सभी 196 सीटों को फिर मिला दिया गया और एससी, एसटी और ओबीसी सीट की लॉटरी निकाली गयी। इनमें महिलाओं सीट के नाम आए, तो वे सीट महिला एससी एसटी और ओबीसी लॉटरी के अनुसार आरक्षित हो गयीं। इसके बाद जो सीट बचीं वे सामान्य ओपन पर रहीं। इस लॉटरी में उदयपुर सीट ओबीसी ओपन कैंडीडेट के लिए रिजर्व हुई है।



