उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरूवार को एसडीएम के रीडर धर्मेश मेघवाल को कार्यालय 14 हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी रीडर धर्मेश पीड़ित से पहले भी दो बार में 18 हजार रूपए ले चुका था। आरोपी रीडर ने पीड़ित से रिश्वत राशि मांगते समय कहा था कि जमीन के नामांतरण में तहसीलदार, पटवारी सबको हिस्सा देना पड़ता है। एसीबी अधिकारियों ने कहा मामले में तहसीलदार और पटवारी की भूमिका की जांच भी होगी।
एसीबी एडिएसपी सुधीर जोशी ने बताया कि एसडीएम गोगुंदा के रीडर सत्यम-शिवम कॉम्पलैक्स बड़गांव निवासी धर्मेश मेघवाल पुत्र मेघराज को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिवादी गोगुंदा के कुनावली निवासी देवीलाल पुत्र बंशीलाल पालीवाल ने एसीबी कार्यालय आकर रीडर धर्मेश मेघवाल के जमीन के नामांतरण की एवज में 32 हजार रूपए रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। कार्यवाही में एसीबी निरीक्षक हरीशचन्द्र चूंडावत, हनुवंत सिंह के नेतृत्व में हेडकांस्टेबल रमेश चन्द्र, कांस्टेबल अख्तर खान, मुनीश, दानिश, भरत सिंह और दलपत सिंह की टीम शामिल रही।
रीडर ने कहा था तहसीलदार पटवारी सबको हिस्सा देना पड़ता है
परिवादी देवीलाल ने बताया था कि उसका पारिवारिक जमीन के बंटवारे से संबंधित केस रेवेन्यू बोर्ड में चल रहा था। रेवेन्यू बोर्ड ने फैसला परिवादी देवीलाल के हक में दिया था। इस जमीन का नामांतरण करने के लिए परिवादी देवीलाल ने रेवेन्यू बोर्ड के फैसले की कॉपी के साथ आवेदन एसडीएम कार्यालय में लगाया था। एसडीएम ने परिवादी की एप्लीकेशन को मार्क कर फाइल रीडर धर्मेश के पास अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दी थी। रीडर धर्मेश ने परिवादी देवीलाल की फाइल देखी और कहा कि नामांतरण खुलवाने के 35 हजार रूपए लगेंगे। यह राशि दे दोगे तो पटवारी, तहसीलदार सभी से फाइल पास करवा देंगे। राशि का हिस्सा इन अधिकारियों को भी देना पड़ता है।
परिवादी ने रीडर से राशि ज्यादा होने का निवेदन किया तो रीडर धर्मेश ने 32 हजार रूपए मिलने के बाद ही काम करने की बात कही। रीडर धर्मेश ने परिवादी से 8 हजार रूपए तो उसी समय ले लिए।
एसीबी ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन करवाया तो रीडर ने 32 हजार मांगने की बात स्वीकारी और 10 हजार रूपए सत्यापन के दौरान लिए। रीडर धर्मेश ने परिवादी से कहा कि बचे हुए 14 हजार रूपए मिलने के बाद ही जमीन के नामांतरण का काम आगे बढ़ेगा। गुरूवार को रीडर धर्मेश ने परिवादी देवीलाल को रिश्वत राशि लेकर एसडीएम कार्यालय ही बुला लिया। एसीबी टीम भी एसडीएम कार्यालय गोगुंदा पहुंच गयी। रीडर धर्मेश ने जैसे ही परिवादी से रिश्वत राशि के 14 हजार रूपए लिए, एसीबी ने उसे रंगे हाथों रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया।
मां के कड़े बचेकर तो वकील की फीस चुकाई थी
परिवादी ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। रेवेन्यू बोर्ड में जब केस चल रहा था, तब मां के चांदी के कड़े बेचकर वकील की फीस चुकाई थी। रीडर ने जब 32 हजार रूपए रिश्वत मांगी तो उन्हें आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी।


