उदयपुर,(ARLive news)। प्रतापनगर थाना क्षेत्र के देबारी से आगे साकरोदा स्थित भारतीय पेट्रोलियम के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में मंगवार सुबह अचानक हुए रिसाव की सूचना से भगदड़ मच गयी। बड़े हादसे के अंदेशे पर आपदा प्रबंधन की टीमें, प्रशासन, पुलिस जाब्ता सहित वहां पहुंचे तो मॉक ड्रिल होने का पता चला। तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली।
हुआं यूं कि मंगलवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड सकरौदा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट ने आपदा नियंत्रण मॉक ड्रिल हुई। मॉक ड्रिल में आतंकवाद विरोधी दस्ते उदयपुर, फायर ब्रिगेड उदयपुर, प्रतापनगर पुलिस के जवान और हिंदुस्तान जिंक (देबारी) की टीम मौके पर पहुंची।
मॉक ड्रिल में ऐसे चला पूरा घटनाक्रम
भारतीय पेट्रोलियम के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में मंगवार सुबह सामान्य संयंत्र का संचालन चल रहा था। सुबह करीब 11:25 बजे प्रक्रिया संचालक (एलपीजी पंप हाउस) बुलेट में वाष्प आरओवी के प्रवाह से रिसाव देखा गया। तत्काल स्पैनर की मदद से इसे ठीक करने की कोशिश की गयी। लेकिन रिसाव बहुत बढ़ गया और स्पैनर सीमेंटेड राउंड पर गिर गया और स्पार्क उत्पन्न हो गया और चंद सैकंड में ही समय में भयंकर आग लग गयी। यह परिदृश्य मौके पर किया गया।
इस पर वीएचएफ को सूचित किया और सूचना-संचार के लिए मैनुअल कॉल प्वाइंट डिवाइस का संचालन किया गया। तत्काल अग्निशमन दल घटना स्थल पर पहुंचा और रेस्क्यू शुरू किया गया। इस दौरान मुख्य अग्निशमन समन्वयक प्राथमिक उपचार-बचाव दल के साथ आपातकालीन स्थल पर पहुंचे। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए वहां से निकाला गया।
एटीएस, फायर ब्रिगेड और हिंदुस्तान जिंक की टीम सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ऑपरेटर ने रिसाव ठीक होने का मुख्य समन्वयक को संकेत दिया, इसके बाद सभी टीम के सदस्यों को समीक्षा के लिए इकट्ठा करने के लिए कहा गया और ऑपरेशन पूरा हुआ।


