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संजीवनी के चेयरमैन सहित 4 आरोपी गिरफ्तार : 953 करोड़ रुपये का घोटाला

सोसायटियों में निवेश हुई जनता की गाढ़ी कमाई की रिकवरी होना बहुत मुश्किल

arln-admin by arln-admin
September 19, 2019
Reading Time: 1 min read
संजीवनी के चेयरमैन सहित 4 आरोपी गिरफ्तार : 953 करोड़ रुपये का घोटाला


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उदयपुर,(ARLive news)। संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले मामले में राज्य पुलिस के स्पेेेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गुरुवार  को चैयरमैन नरेश सोनी, चीफ एग्जीक्यूटिव किशन सिंह, भूतपूर्व चैयरमैन देवी सिंह, शैतानसिंह को गिरफ्तार किया है।

उदयपुर जिले सहित राजस्थान के करीब सभी जिलों में हजारों लोगों ने इसमे निवेश किया है। जो अब निवेश राशि के लिए अधिकारियों को ज्ञापन तो दे रहे है लेकिन कहीं से उन्हें कोई संतोषप्रद जवाब नही मिल रहा है।

1100 करोड़ में अधिकतर फर्जी ऋण दिए

एसओजी से प्राप्त जानकारी के अनुसार संजीवनी की राजस्थान में 211 और गुजरात मे 26 कुल 237 से अधिक शाखाएं है। इन शाखाओं में 1 लाख 46 हजार 991 निवेशक हैं। आरोपियों ने निवेशकों से 953 करोड़ रुपये निवेश राशि प्राप्त कर ठगी की।

एसओजी की जांच में संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के लेखा-पुस्तकों में 1100 करोड़ रुपये के लोन (ऋण) पाए गए है, जिनमे अधिकतर फर्जी है।

संजीवनी ने जिन लोगों को लोन दिए है, उस नाम के व्यक्ति है ही नही, और जो है, उन्होंने कभी संजीवनी से लोन लिया ही नही। ऐसे में जब लोन लेने वालों का अस्तित्व ही नही है तो, रिकवरी किससे होगी। इसी कारण निवेशकों की इतनी बड़ी राशि की रिकवरी हो पाना सम्भव नही लग रहा है।

निवेश राशि की तुलना में प्रॉपर्टी नगण्य

अनुसंधान के अनुसार निवेशकों ने संजीवनी में अपने जीवन की गाढ़ी कमाई निवेश कर दी, लेकिन अब यह राशि उन्हें वापस मिल पाना बहुत मुश्किल है, क्यों कि निवेशकों की राशि की तुलना में संजीवनी पदाधिकारियों की उपलब्ध हुई संपत्ति नगण्य है। ऐसे में जब सम्पती ही नही है तो उससे निवेशकों की निवेश राशि की रिकवरी कैसे हो सकेगी।

नियम ऐसे कि सरकारों की इन पर कोई मोनीटरिंग नहीं

क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों से संबंधित सरकारी नियम ऐसे है कि इन पर राज्य सरकारों का कोई नियंत्रण नही होता है। ये केंद्र सरकार को रिपोर्ट करती है। लेकिन इनके नियम इतने सरल है कि केंद्र सरकार की भी इन पर कोई मोनीटरिंग नही होती है। नियम ऐसे है कि ये सोसायटियां खुद के ही सीए बुलाकर खुद ही खुद के अनुसार मन माफिक ऑडिट करवा लेते है और यह ऑडिट  रिपोर्ट ही केंद्र सरकार को देते है। केंद्र सरकार के स्तर पर इन सोसायटियों की कोई ऑडिट तक नही होती है। इन्ही नियमो का फायदा उठाकर ये सोसायटियां जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा लूट रही है।

Tags: #Naresh#Sanjeevni#SanjeevniCreditCoOparetiveSociety#SanjeevniCreditCoOparetiveSocietyChairmanArrest

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