राजस्थान,(ARLive news)। अलवर जिले के बहरोड थाने में शुक्रवार सुबह हुई वारदात ने पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। सुबह-सुबह एके 47 जैसे हथियारों से लैस होकर आए बदमाशों ने बहरोड थाने पर अंधाधुंध फायरिंग की और थाने में बंद कुख्यात इनामी बदमाश महेन्द्रगढ़ हरियाणा निवासी विक्रम उर्फ पपला पुत्र मनोहरलाल गुर्जर को छुड़ा कर ले गए।
विक्रम को बहरोड पुलिस रात को ही गिरफ्तार कर थाने लेकर आयी थी। विक्रम से पुलिस ने बड़ी मात्रा में धनराशि बरामद की थी। विक्रम सितंबर 2017 में हरियाणा पुलिस की कस्टडी से फरार हुआ था और तब से इन पर एक लाख रूपए का ईनाम घोषित था। विक्रम उर्फ पपला कुख्यात अपराधी है और इसके खिलाफ हत्या के चार मामलों सहित जानलेवा हमले और अन्य संगीन मामले दर्ज हैं।
वारदात के बाद आईजी, एसपी से लेकर महकमे के सभी बड़े अधिकारी बहरोड पहुंच गए। बदमाशों की तलाश में राज्य के विभिन्न संबंधित हाईवे पर नाकाबंदी की जा रही है। इस कार्य में एसओजी सहित पुलिस की स्पेशल टीमें भी लगा दी गयी हैं।
भारी मात्रा में असले के साथ फोटो रखता है
विक्रम उर्फ पपला ने भारी मात्रा में बंदूक, एके 47, कारतूसों के साथ अपनी फोटो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की हुई हैं, ताकि वह अपने वर्चस्व को दिखा सके।
रास्ते में स्कॉर्पियो लूटी
बहरोड से भागे बदमाषों की मंडावर में कार बंद हो गयी थी। इस पर बदमाशों ने वहां से गुजर रहे एक स्कॉर्पियो वाले को रोका और वहां फायरिंग कर उससे स्कॉर्पियो गाड़ी लूट कर चले गए।
बदमाश को भगाने में कहीं किसी की मिलीभगत तो नहीं..?
पुलिस ने रात को विक्रम उर्फ पपला को कैश राशि के साथ गिरफ्तार किया था। यह राशि बदमाश कहां से लाया था, किस काम के लिए लाया था या यह राशि किससे संबंधित थी, इन सभी सवालों के जवाब पुलिस को पपला से लेने थे। लेकिन पुलिस पूछताछ करती, इससे पहले ही गिरोह के दो दर्जन बदमाश उसे थाने से फरार कर ले गए।
सवाल है कि इतने कुख्यात बदमाश को पकड़ने के बाद आखिर क्यों पुलिस ने थाने पर सुरक्षा के कोई विषेष इंतजाम नहीं किए..? थाने में सुरक्षा में चूक हुई..? ये लापरवाही थी या किसी की मिलीभगत से ऐसा हुआ..? यह तो पुलिस अनुसंधान में सामने आ जाएगा।


