एफएसएल टीम की जांच: प्रथमदृट्या जहरीली गैस से हुई मौत, मेन-हॉल में डेढ़ फीट तक भरा था गंदा पानी
उदयपुर,(ARLive news)। हिरणमगरी थाना क्षेत्र के मनवाखेड़ा में सीवरेज लाइन के मेन-हॉल में उतरने के बाद हुए हादसे में मरने वाले चार लोगों में एक श्रमिक खमेरा बांसवाड़ा निवासी कैलाश पुत्र लक्ष्मणलाल मीणा, दूसरा सुपरवाइजर शंभुपुरा चित्तौड़गढ़ निवासी कान सिंह पुत्र श्रवण सिंह, तीसरा ट्रेक्टर चालक शंभुपरा, चित्तौड़गढ़ निवासी प्रहलाद पुत्र कालू मीणा और चौथा जेसीबी चालक परसाद, उदयपुर निवासी धर्मचंद उर्फ धर्मेन्द्र पुत्र भैरूलाल मीणा थे। परिजनों ने इनकी मौत का जिम्मेदार नगर निगम और सीवरेज कार्य करवाने वाली कंपनी को ठहराया है।
मोरचरी में इकट्ठे हुए परिजनों ने कहा कि इतना जोखिमभरा कार्य होने के बावजूद कंपनी ठेकेदार के जरिए इन्हें कभी कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए गए और इसी कारण से इनकी मौत हुई है। परिजनों ने कंपनी और ठेकेदार के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट भी दी है।
दो श्रमिकों के मुंह से निकल रहा था झाग
हादसे के बाद पुलिस की सूचना पर मौके पर एफएसएल जांच के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी अभय प्रताप सिंह भी पहुंचे थे। उन्होंने मौके से आवश्यक नमूने कलेक्ट किए और मोरचरी में शवों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि दो मृतकों के मुंह से झाग निकल रहे थे। यह तभी हो सकता है, जब मृतक किसी जहरीली गैस के संपर्क में आए हों।
थानाधिकारी हनुवंत सिंह ने बताया कि सभी मृतकों की शिनाख्त कर परिजनो को सूचना दे दी गयी है। गुरूवार सुबह सभी के पोस्टमार्टम होंगे। अभी प्रथमदृष्ट्या किसी गैस के कारण दम घुटने से मौत होना प्रतीत हो रहा है, हालां कि मृत्यु के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगा।
सूचना मिलने पर मौके पर बिजली विभाग के इंजीनियर भी पहुंचे थे। उन्होंने तकनीकी रूप से तार डालकर अंदर करंट के प्रवाह को चेक किया, तो अंदर करंट नहीं पाया था।
दो महीने से बंद था सीवरेज लाइन का मेनहोल, डेढ़ फीट गंदा पानी भी भरा था
पुलिस ने बताया कि जिस सीवरेज लाइन का मेन-हॉल करीब 19 फीट गहरा था और कहीं से रिसाव होने के कारण इसमें करीब डेढ़ फीट तक गंदा पानी था। ऐसे में संभावना है कि बंद मेन हॉल में इकट्ठे हुए गंदे पानी से अंदर कोई जहरीली गैस बन गयी हो और आज जब श्रमिकों ने इस मेन-हॉल को खोला और अंदर उतरे तो उनकी दम घुटने से मौत हो गयी हो।
स्कूल बस धंस गयी थी, इसलिए खोलना पड़ा यह मेन हॉल
इस सीवरेज मेनहॉल के पास एक सीवरेज लाइन है। आज सुबह एक स्कूल बस वहां से गुजरी तो मिट्टी धंस गयी और सीवरेज लाइन के पास स्कूल बस फंस गयी थी। उस समय स्कूल बस तो निकाल ली गयी। बाद में ठेका कंपनी के कर्मचारी ने सीवरेज लाइन को चेक करने के लिए खुलवाया तो अंदर मिट्टी और पानी भरा होने से पूरा लाइन ब्लॉक मिली। ब्लॉकेज कहां से है यह चैक करने के लिए श्रमिकों ने 2 महीने से बंद पड़े सीवरेज लाइन के 19 फीट गहरे मेन-हॉल को खोला और अंदर उतरे।
पहले सुपरवाइजर कान सिंह और श्रमिक कैलाश अंदर उतरे और अंदर जाते ही उनकी मौत हो गयी, इन श्रमिकों को बचाने के लिए पहले ट्रेक्टर चालक प्रहलाद उतरा तो उसकी भी अंदर मौत हो गयी। अंदर कोई हलचल नहीं होने पर जेसीबी चालक धर्मचंद ने सीढ़ियों से अंदर उतरकर जैसे ही गड्ढे की गहरायी में देखने का प्रयास किया, वह भी औंधे मुंह गिर गया और उसकी भी मौत हो गयी। गड्ढे में औंधे मुंह गिरने से उसके सिर में गहरी चोट भी आयी है।


