उदयपुर,(ARLive news)। राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के टीमो ने शनिवार को राज्य के उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सिरोही सहित अन्य जिलों की कैमिकल फैक्ट्रियों की जांच की और डिस्मेंटल हुई नीलकंठ कैमिकल के आस पास के क्षेत्रों में लगे बोर बैल के पानी की जांच की। जिसमे बोरबेल के पानी मे कैमिकल पाया गया।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने बताया कि मादड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में नीलकंठ डाइज एंड कैमिकल इंडस्ट्रीज नाम से एक अवैध कैमिकल फ़ैक्ट्री चल रही थी। सोप स्टोन ग्राइंडिंग यूनिट के मालिक ने गुजरात के एक व्यापारी को उसके प्लाट का एक हिस्सा किराए पर दिया था। गुजरात के इस व्यापारी ने यहां नीलकंठ डाइज एंड कैमिकल के नाम से बिना किसी की परमिशन लिए फैक्ट्री शुरू कर दी। पिछले दिनों इस व्यापारी ने फैक्ट्री से निकले वेस्ट कैमिकल को बोरवैल में डाल दिया। इससे क्षेत्र के सभी बोरवैल का पानी दूषित और केमिकल युक्त हो गया और आसपास के लोगों ने जब पाया कि पानी का रंग बहुत ज्यादा पीला आ रहा है तो मामले का खुलासा हुआ। पकड़े जाने के डर से फैक्ट्री संचालक गुजरात फरार हो गया।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने फैक्ट्री को डिस्मेंटल करने के आदेश जारी कर आरोपी फैक्ट्री संचालक की तलाश कर रही है। इस संबंध में राज्य के प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने गुजरात के प्रदूषण नियंत्रण मंडल से भी संपर्क किया है।
ऐसा कृत्य बर्दाश्त नही किया जाएगा
प्रदूषण नियंत्रण मंडल के टीम नीलकंठ डाइज एंड कैमिकल इंडस्ट्री के संचालक की तलाश कर रही है। उसने फैक्ट्री के वेस्ट कैमिकल को बोरवैल में डालकर जो कृत्य किया है वह अपराध है और आम जन जीवन के साथ खिलवाड़ है। ऐसा कृत्य विभाग बिलकुल बर्दाश्त नही करेगा और सख्त कार्यवाही करेगा। आज भी हमारी टीमो ने विभिन्न फैक्ट्रियों की जांच की है।
शैलजा देवल, सदस्य सचिव, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल


