उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम का गत दिनों टीएडी अधिकारी भारती राज के यहां पड़े छापे के बाद भारती राज ने बयान जारी करते हुए कहा है कि यह कार्यवाही उनके यहां रंजिशवश हुई है।
भारती राज ने कहा आपसी रंजिश के कारण मेरे विरूद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत हुई और सर्च कार्यवाही हुई। मेरे निवास पर मात्र तीस हजार रूपये नकद पाए गए। मेरा नवरत्न कॉम्प्लेक्स का मकान, हम पति पत्नी के नाम, वर्ष 2005 से 2008 के बीच में कुल साढ़े अठाइस लाख में बना। इसके लिए लोन लिया गया था। यह लोन आज भी चल रहा है। आई-20 कार दस वर्ष पहले लोन पर ली थी।
मेरे पिता डॉ. हरिश्चचंद्र भारत सरकार में उच्च पद पर नियुक्त रहे। 1997 में सुपर टाइम स्केल वेतन पर सेवानिवृत हुए। सेवानिवृति के पश्चात उन्होंने पेस्ट कंट्रोल का व्यवसाय किया और पैतृक जमीन, मकान इत्यादि को बेचकर, स्वयं की सेविंग से मकान प्लाट, व्यावसायिक सम्पति खरीदे। ऐसे में मेरे पिता की संपत्ति का मेरा टीएडी अधिकारी होने से कोई संबध नहीं है। बैंक अकाउंट में जो राशि है वह प्लॉट बेचकर आयी है और इनकम टैक्स रिटर्न्स में घोषित है।
वेतन से की विदेश यात्राएं
भारती राज ने बताया कि उनके पति मुकुल राज्य सेवा में उच्च पद पर रह सेवानिवृत हो चुके है। पारिवारिक खर्च पति की आय से ही पूरा हो जाता रहा तथा पति के वेतन में भी भविष्य के लिए बचत करते रहे। मैं अपने वेतन की बचत से दूनियां को जानने की उत्सुकता व भ्रमण की मेरी रुचि को पूरा करने देश विदेश में यात्राएं करती रही हूँ। समस्त पेमेंट चेक से हुए, यह भी राज्य सरकार व इनकम टैक्स विभाग के संज्ञान में है। विदेशी मुद्रा भी चेक से ली जाकर निर्धारित सीमा में है।


