नई दिल्ली,(ARLive news)। कश्मीर में धारा 35-ए और धारा 370 हटाने को लेकर चर्चा इन दिनों जोरों पर है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कश्मीर दौरा भी पूरी तरह गुप्त रखा गया। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है।
रिपोर्ट के मुताबिक- केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के कश्मीर दौरे के बाद राज्य में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबलों की 100 कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया है। सूत्रों की मानें तो 15 अगस्त से पहले श्रीनगर में 15, पुलवामा और सोपोर में 10-10, बाकी 10 जिलों में 5-5 कंपनियां तैनात होंगी। सरकारी सूत्र ने दावा किया कि राज्य में अनुच्छेद 35ए हटाने के बाद की स्थिति से निपटने के लिए जवान कश्मीर भेजे जा रहे हैं।
कश्मीर में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के फैसले के बाद कई तरह की खबरें निकल कर आ रही हैं जिन्हें अफवाह की संज्ञा दी जा रही है। फिलहाल पुलिस के एक आदेश की कॉपी वायरल हुई। इसमें दावा किया गया है कि श्रीनगर के एसएसपी ने अधिकारियों से शहर की सभी मस्जिदों की तैयार करने को कहा गया है जिसकी सूची तुरंत सौंपने का उच्च स्तरीय आदेश जारी किया गया है। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्ला भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
जम्मू कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों फारुख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि 35ए के साथ छेड़छाड़ करना बारूद को हाथ लगाने जैसा होगा। इसके लिए जो हाथ उठेगा वो हाथ नहीं पूरा जिस्म जलकर राख हो जाएगा। कश्मीर की समस्या राजनीतिक है। यह मुद्दा सैन्य ताकत से नहीं सुलझाया जा सकता है। घाटी में 10 हजार और जवान तैनात करने से लोगों के मन में भय पैदा हो रहा है।
क्या है धारा 370 और अनुच्छेद-35ए
अनुच्छेद-35ए धारा 370 का एक हिस्सा है, जो कश्मीर के लोगों को विशेष अधिकार देता है। इस अनुच्छेद के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार राज्य के नागरिकों को पूर्ण नागरिकता प्रदान करती है। राज्य के बाहर का कोई भी व्यक्ति यहां किसी प्रकार की संपत्ति नहीं खरीद सकता है। यहां की महिला से शादी के बाद उसकी संपत्ति पर अपना हक भी नहीं जमा सकता है। इस कानून को लेकर लंबे समय से विवाद है और इस पर कई तरह की बयानबाजियां होती रही हैं।
धारा 370 को हटाना भाजपा का है बुनियादी मुद्दा
फिलहाल धारा 370 को हटाने का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी की बुनियादी मुद्दा रहा है। वर्तमान गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष 2019 की चुनावों में कहा भी था कि यदि मोदी सरकार दोबारा बनी तो कश्मीर में धारा 370 को तुरंत खत्म करेंगे। ऐसी खबरें आ रही हैं कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा 35ए को हटाने की तैयारी कर रही है।


