नई दिल्ली,(ARLive news)। भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में छिड़े ‘कारगिल युद्ध’ में भारतीय सशस्त्र बलों ने दुश्मनों के दांत खट्टे करते हुए उन्हें पराभूत किया था। युद्ध का समापन 27 जुलाई 1999 को हुआ था।भारतीय सैन्य बलों के इतिहास में शौर्य और पराक्रम की इस गाथा को ‘ऑपरेशन विजय’ और 27 जुलाई को ‘कारगिल विजय दिवस’ के नाम से जाना जाता है। 27 जुलाई 2019 को राष्ट्र ‘कारगिल विजय दिवस’ की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।
सामान्यतः ‘ऑपरेशन विजय’ न केवल सशस्त्र बलों के लिये, बल्कि समूचे राष्ट्र के लिये अभिमान का विषय है, क्योंकि हमेशा की ही तरह, देशवासियों के अथाह स्नेह और सहयोग ने ही इस युद्ध में भी इन बलों के लिये सफल उत्प्रेरक का कार्य किया था और सामरिक सफलता दिलाई थी। इसके साथ ही यह दिन, वीर शहीदों को स्मरण करने, उनके बलिदान पर गौरवान्वित होने एवं सशस्त्र बलों द्वारा राष्ट्र-रक्षा हितार्थ दिये अमूल्य योगदान से देशवासियों के पुनः परिचय का विशेष दिन भी है।
चूंकि सीमा सुरक्षा बल ने भी इस युद्ध में मोर्चा संभाला था और अपने दायित्वों का वीरतापूर्वक निर्वाह करते हुए राष्ट्र का मस्तक गर्व से ऊंचा किया था,अतः ‘कारगिल विजय दिवस’ की 20वीं वर्षगांठ को अविस्मरणीय बनाने के लिये यह बल भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कारगिल युद्ध के वीर बलिदानियों की स्मृति में यह बल विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।


