15 बच्चों की मौत का कौन जिम्मेदार, प्रशासन की लापरवाही हुई उजागर,
सूरत,(ARLive news)। गुजरात के सूरत में शुक्रवार दोपहर सरथाणा क्षेत्र के तक्षशिला कॉम्पलैक्स में लगी आग में 15 बच्चों की मौत हो गयी। यह सभी बच्चे कॉम्पलैक्स में चल रही कोचिंग क्लास में पढ़ने गए थे। शॉर्ट सर्किट से लगी आग के बाद समय रहते काबू नहीं पाया जा सका और कुछ बच्चों ने आग के डर से जिंदगी बचाने के लिए चार मंजिला से छलांग लगा दी।
हादसे में 15 बच्चों की मौत हो चुकी है, वहीं प्रशासन आग बुझाने और भवन में अंदर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रहा है। इस कॉम्पलैक्स में 9वीं से 12वीं क्लास तक के बच्चों की कोचिंग क्लास और मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और लेबोरेटरी संचालित होती है। सभी मरने वाले बच्चे कोचिंग क्लास के है। पुलिस आयुक्त सतीश कुमार ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, टीमें लगातार रेस्क्यू कार्य में लगी है। मौके पर 19 फायरब्रिगेड और 2 हाईड्रॉलिक प्लेटफॉर्म आग बुझाने और रेस्क्यू में लगे हुए हैं।
कोचिंग सेंटर अवैध तरीके से चल रहा था, पहले भी लग चुकी है आग
इस हादसे में प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है। इन 15 बच्चों की मौत का कौन जिम्मेदार है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि कॉम्पलैक्स में पहले भी एक बार आग लग चुकी थी, इसके बावजूद किसी ने यहां सुरक्षा के इंतजामों पर ध्यान नहीं दिया। कोई भी सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण यहां लगी आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। इसके अलावा इस कॉम्पलैक्स में चल रहा कोचिंग सेंटर यहां अवैध रूप से चल रहा था। यहां कोचिंग सेंटर चलाने की इसके पास कोई अनुमति नहीं थी।
उदयपुर प्रशासन यहां के कोचिंग सेंटर्स के सुरक्षा इंतजाम जांचे
सूरत में हुए हादसे से सबक लेते हुए उदयपुर के प्रशासन को भी यहां चल रहे कोचिंग सेंटर्स की जाचं करवानी चाहिए कि वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम है। यहां दुर्गा नर्सरी रोड, हिरणमगरी सहित कई क्षेत्रों में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं और वहां हर समय बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यहां के सभी कोचिंग सेंटर का निरीक्षण कर सुरक्षा के इंतजामों की जांच की जाए और संबंधित दिषा निर्देश दिए जाएं।


