फोन कॉन कर बैंक प्रतिनिधि बनकर अकाउंड डिटेल लेने वालों से भी किया सवधान
उदयपुर,(ARLive news)। नयी पीढ़ी तो मोबाइल, नयी-नयी एप्लीकेशन और डिजिटल दुनिया से सहज है, लेकिन हमारे बुजुर्ग इस डिजिटल दुनिया के प्रति असहज महसूस करते हैं और इस कारण उन्हें बच्चों पर निर्भर रहने के साथ ही कई परेशानी झेलनी पड़ती हैं। बुजुर्गों की इसी जरूरत को समझते हुए प्रार्थना एसोसिएट्स ने डिजिटल ज्ञान की तीन दिवसीय निशुल्क वर्कशॉप की।
द यूनिवर्सल सी.सै. स्कूल में हुई इस निशुल्क वर्कशॉप में 30 से अधिक बजुर्गों ने हिस्सा लिया और मोबाइल के जरिए कैब बुक करना, गूगल मैप से डायरेक्शन देखना, ऑनलाइन फूड बुक कर मंगवाना, ऑनलाइन मोबाइल-बिजली के बिल जमा करना सहित मोबाइल के जरिए होने वाले अन्य जरूरत मंद कार्य प्रेक्टिकल कर सीखे। बुजुर्गो ने खुद अपने ईमेल और फेसबुक अकाउंड बनाए और ऐस-दूसरे को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर हमेशा के लिए एकदूसरे के दोस्त बन गए। वर्कशॉप में अधिकतर प्रतिभागी बुजुर्ग 60 साल सेअधिक उम्र के थे।
प्रार्थना एसोसिएट्स के डायरेक्टर अंकित सनाढ्य ने बताया कि आजकल बुजुर्ग दंपत्ति अकेले रह रहे होते हैं। बच्चे या तो नौकरी व पढ़ाई के चलते दूसरे शहरों में रहते हैं, या फिर पूरे दिन नौकरी के बाद वे अपने माता-पिता के कार्यों को समय नहीं दे पाते। डिजिटल ज्ञान वर्तमान समय की आधारभूत जरूरत हो चुकी है। ऐसे में हमने यहां बुजुर्गों को मोबाइल के जरिए जरूरतमंद कार्योें को करना सिखाया है। खासबात रही कि यहां से सीखने के बाद कुछ बुजुर्ग खुद कैब बुक कर घर गए, कुछ ने हाथों हाथ अपने मोबाइल के बिल पे किए। यह वर्कशॉप पूरी तरह निशुल्क थी और हम आगे भी बुजुर्गों के लिए ऐसी और वर्कशॉप करेंगे।
ऑनलाइन फ्रॉड के प्रति भी किया जागरूक
वर्कशॉप में सभी बुजुर्गों को डिजिटल ज्ञान सिखाने के साथ ही उन्हें इसके जरिए होने वाले फ्रॉड के प्रति भी जागरूक किया गया है। उन्हें बताया कि कभी भी कोई अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें। कोई बैंक प्रतिनिधि बनकर कॉल करता है तो उसे अपने बैंक खाते या एटीएम कार्ड से संबंधित कोई जानकारी नहीं दें। ये सभी फ्रॉड होते है।


