रात को भी मेमसाहब झाड़ू-पौंछा करवाती हैं।
उदयपुर,(ARLive news)। वन विभाग में एक साहब ऐसे आए हैं, जो वन कर्मियों से वनों की सुरक्षा का कार्य करवाने के बजाए खुद के घर में बच्चों के डाईपर उठवाते हैं, झाडू-पौंछा करवा, बर्तन धुलवाते हैं और हद तो तब होती है जब इस गर्मी में वनकर्मी को प्यास लगती है तो घर से पीने का पानी तक नहीं देते हैं। ये साहब कोई और नहीं वन विभाग के दक्षिण मंडल में तैनात डीएफओ अजय चित्तौड़ा है।
ये अपने पद का दुरूपयोग कर वन विभाग में तैनात वनकर्मियों से अपने घर पर काम करवाते है और बदसलूकी भी करते हैं। इससे परेशान होकर वन विभाग में गोवर्धन विलास नाके पर तैनात वनकर्मी प्रभुलाल ने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपनी समस्या से अवगत करवाया है।
प्रभुलाल ने बताया कि वह वन विभाग मे 25 साल से कार्यरत है और गोवर्धन विलास नाके पर तैनात है। उसकी नाईट ड्यूटी नहीं होती है, इसके बावजूद उसे डीएफओ अजय चित्तौड़ा ने उनके घर पर काम के लिए लगाया हुआ है। रोज रात को चित्तौड़ा साब की पत्नी घर में झाड़ू-पौंछा लगवाती है, किचन के बर्तन साफ करवाती हैं और उनके बच्चों के मलमूत्र तक साफ करवाती हैं। हमें पीने के लिए चित्तौड़ा साब के घर से पानी नहीं दिया जाता है, ऐसे में पीने का पानी तक हमें बाहर से भरकर लाना पड़ता है। देर रात तक काम करने के बावजूद अजय चित्तौड़ा साब हमारे साथ बदसलूकी कर अभद्र भाषा में बात करते हैं। मैं डीएफओ चित्तौड़ा के घर पर पिछले दो-ढाई महीने से काम कर रहा हूं और इस प्रकार की जिल्लत और बदसलूकी झेल रहा हूं।
पानी लेने गया तो की बदसलूकी
मंगलवार रात को मैं उनके घर का सारा काम करने के बाद पीने का पानी लेने नीचे गया था। जब मैं पानी लेकर आया तो मेरे साथ चित्तौड़ा साब ने बहुत अभद्रता की और रात साढ़े 11 बजे ही मुझे घर से निकाल दिया और मुझे धमकाया। प्रभुलाल ने बताया कि चित्तौड़ा साब के घर रात को मैं और दिन में एक महिला वनकर्मी काम करती है।
राजस्थान वन अधिनस्थ कर्मचारी संघ जिला शाखा उदयपुर के अध्यक्ष भगवतीलाल मीणा ने बताया कि वनकर्मियों के साथ हो रही बदसलूकी के खिलाफ हमने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन दिया है और वनकर्मी प्रभुलाल को न्याय दिलाने की मांग की है।


