पुलिस ने जिले में हत्या के तीन अलग-अलग मामलों के आरोपी पकड़े।

चश्मे को लेकर कहासुनी में की हत्या : पानरवा पुलिस ने बताया कि खेराड़ निवासी सोहन लाल सरपोटा ने रिपोर्ट दी थी कि होली के दिन मेरे पिता खातुजी सरपोटा पडोसी भॅवर लाल के घर हुए शोक में बैठने गए थे। उसी समय परिचित वाला पुत्र फता सरपोटा ने पिता के साथ मारपीट की, इससे उनकी मौत हो गई। आरोपी गुजरात फरार होने की फिराक में था। मुखबीर से प्राप्त सूचना पर पुलिस ने उसे नालवा तिराहे से धरदबोचा। आरोपी ने बताया कि भंवरलाल की बच्ची की मौत के सामाजिक क्रियाकर्म के दौरान चश्मे की बात पर खातुजी से कहासुनी और मारपीट हुई थी।
बड़े भाई ने कर दी हत्या : माण्डवा पुलिस ने बताया कि बुधवार 27 मार्च को तोरणा निवासी हंसा पत्नि गुलाब बुम्बडीया ने रिपोर्ट दी थी कि मैं, मेरे पति गुलाब पुत्र फौजा बुम्बडीया शीतला सप्तमी त्योहार के कारण भियाटा आये थे। शाम को करीब 6 बजे मेरे जेठ वाजीरा बुम्बडीया ने किसी विवाद के कारण मेरे पति की चाकू मारकर हत्या कर दी हैं और मौके से फरार हो गया है। इस पर पुलिस ने क्षेत्र में दबिष दी और वाजीरा उर्फ वालजीरा को गिरफ्तार कर लिया।
38 बकरों की लूट के लिए कर दी थी हत्या: बेकरिया पुलिस ने बताया कि वर्ष 2012 में 10-12 आरोपियों ने टेपुर निवासी लुम्बा पुत्र माना पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी और उसके 38 बकरे लेकर फरार हो गए थे। इसमें 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके थे, लेकिन सवीय व नाणिया सात वर्ष से फरार थे। मुखबीर की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी तो सविया तो फरार होने में सफल हो गया, लेकिन पुलिस ने नणिया पुत्र बाबू गमेती टिंसारा को पहाड़ियों पर चारों तरफ से घेर कर पकड़ लिया।


