
उदयपुर में सूदखोरों का बढ़ रहा आतंक पर कटारिया ने कहा कि मैं यह नहीं कहता कि सूदखोरों से प्रताड़ित करने के मामले मेरे कार्यकाल में नहीं हुए होंगे। तब भी हुए थे, लेकिन अब तो सूदखोर बिना किसी खौफ के आमजनता को प्रताड़ित कर रहे हैं। गरीब आदमी इलाज या घर के जरूरी काम के लिए 10-20 हजार रूपए उधार लेता है और राशि चुकाता भी है, लेकिन सूदखोर ऐसे हैं कि गरीब की मजबूरी का फायदा उठाकर उससे हस्ताक्षरशुदा ब्लैंक चेक लेते हैं, 10 से 15 प्रतिशत ब्याज लगाकर हजारों में ली गई राशि को लाखों में पहुंचा देते हैं। पीड़ित सूदखोरों से इतना प्रताड़ित हो जाता है कि उसके पास मौत के सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं रहता।
ऐसे सूदखोरों को चिह्नित करना पुलिस के लिए कोई मुश्किल काम नहीं है। पुलिस 7 प्रतिशत से 15 प्रतिशत ब्याज पर कर्जा देने वालों को चिह्नित करे और कार्यवाही करे। पिछले दिनों अंबामाता में पिता-पुत्री ने भी सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या की। पुलिस को इस मामले में शामिल एक भी आरोपी को नहीं बख्शना चाहिए।
कटारिया ने कहा कि होली के तीन-चार दिनों में राजस्थान में हत्याओं और खूनी संघर्ष के कई मामले हुए। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। मुख्यमंत्री ने पूरा गृह विभाग अपने पास रख तो लिया है, लेकिन वे इस ओर बिलकुल ध्यान नहीं दे रहे हैं, इससे राजस्थान में अराजकता फैल रही है।


