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एसओजी की बड़ी कार्यवाही : पान का कत्था बनाने उदयपुर के वनों से खैर लकड़ी की देशभर में हो रही तस्करी

arln-admin by arln-admin
March 16, 2019
Reading Time: 1 min read
Udaipur SOG arrested criminals involve in trafficking of kher wood


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एसओजी टीम ने 14 टन खैर लकड़ी से भरे ट्रक, एस्कॉर्ट कर रही स्कॉर्पियो सहित पांच तस्कर गिरफ्तार किए, 42 लाख रूप्ए कीमत आंकी जा रही है इस लकड़ी की।

Udaipur SOG arrested criminals involve in trafficking of kher woodउदयपुर,(ARLive news)। राज्य पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जयपुर और उदयपुर यूनिट ने मेवाड़ से खैर की लकड़ी के तस्कर गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। एसओजी टीम ने उदयपुर में नाकाबंदी कर और तस्करों का पीछा कर 14 टन खैर की लकड़ी से लदा ट्रक, इसको एस्कॉर्ट कर रही दो स्कॉर्पियो सहित पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करों को पकड़ने के दौरान एसओजी टीम और तस्कर गुथमगुथा भी हुए, इसमें एक कांस्टेबल और तस्करों के चोटें आई हैं।

जानकारी के अनुसार एसओजी मुख्यालय को मुखबीर से मिली सूचना पर जयपुर एसओजी इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह और उदयपुर एसओजी इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान के नेतृत्व में एक टीम ने कीर की चौकी और दूसरी टीम ने डबोक के पास नाकाबंदी की। कीर की चौकी पर नाकाबंदी देख संदिग्ध ट्रक पहले ही रूक गया। एसओजी टीम वहां पहुंची तो ट्रक के बचाव में उसको एस्कॉर्ट कर रही दो स्कॉर्पियो में बैठे पांच बदमाश एसओजी टीम से उलझ गए। एसओजी टीम से धक्का-मुक्की कर तस्करों ने ट्रक को भगा दिया और खुद भागने का प्रयास किया। एसओजी टीम ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया, दो तस्कर मौके से फरार हो गए।

मंगलवाड़ की तरफ फरार हुए ट्रक की जानकारी इस टीम ने नाकाबंदी में डबोक के पास खड़ी दूसरी एसओजी टीम को दी। इस इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने टीम के साथ ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया और चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा में ट्रक को पकड़ चालक, खलासी को गिरफ्तार कर 14 टन लकड़ी बरामद की।

एसओजी जयपुर और उदयपुर की टीम ने मिलकर 14 टन खैर की लकड़ी से लदा ट्रक, दो स्कॉर्पियो, पांच तस्करों को पकड़ा और भींडर थाने में सुपुर्द कर इनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।

पांच तस्कर पकड़े गए, दो फरार हुए

टीम ने सादुलखेड़ा, निकुंब, चित्तौड़गढ़ निवासी असलम पुत्र अजीज खान पठान, गुलाम हुसैन पुत्र शेर मोहम्मद, अयूब पुत्र मोहम्मद दराज, ट्रक चालक गाजीपुर, यूपी निवासी तौहीद खान पुत्र शहनवाज खान, खलासी भीवंडी, मुंबई निवासी रवीन्द्र पुत्र रामचन्द्र धोंद को गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही में इंसपेक्टर सूर्यवीर सिंह, अब्दुल रहमान, हेडकांस्टेबल धर्मेन्द्र, कांस्टेबल प्रदीप, गंगाराम, जयपुर एसओजी कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह और देवेन्द्र सिंह की मुख्य भूमिका रही है।

मुंबई और गुजरात में 300 रूपए प्रति किलो में जाती है यह लकड़ी

पूछताछ में तस्करों ने बताया कि इस खैर की लकड़ी गुजरात और मुंबई तक तस्करी होनी थी। यह 300 रूपए किलो के अनुसार से बिकती है। इस अनुसार 14 टन (14 हजार किलो) लकड़ी की 42 लाख रूपए कीमत आंकी जा रही है। बदमाशों से एसओजी टीम पूछताछ कर रही है कि खैर की लकड़ी का यह ट्रक किस व्यक्ति तक सप्लाई होने जा रहा था और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।

खाने वाले पान का कत्था बनाने में होती है उपयोग

मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर ने बताया कि उदयपुर और मेवाड़ से खैर की लकड़ी की बड़े स्तर पर तस्करी चल रही है। यह बड़ा रैकेट संचालित हो रहा है। खैर की लकड़ी का उपयोग खाने वाले पान में लगने वाला कत्था बनाने में उपयोग होता है। इसकी रोकथाम में वन विभाग की टीमें भी लगातार कार्यवाही कर रही हैं। एक महीने में वन विभाग की टीमों ने भी संभाग में 10 से 12 ट्रक पकड़े हैं।

चंदन के बाद अब खैर भी मेवाड़ के जंगलों से हो रही साफ

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले मेवाड़ में चंदन बहुतायत में पाया जाता था, लेकिन इसकी बड़े स्तर पर हुई तस्करी के चलते वनों से चंदन करीब-करीब खत्म हो गया। अब तस्करों की नजर खैर की लकड़ी पर है। पिछले कुछ समय से मेवाड़ में खैर की लकड़ी का बड़ा तस्कर गिरोह सक्रिय है और वनों से इन पेड़ों का भी सफाया किया जा रहा है। मेवाड़ में वनों में खैर के पेड़ बहुत कम बचे हैं।

Tags: #FOREST ACT#KhairWOOD#SOG#traffickingudaipur

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