
आतंकवाद पर अब बातचीत का वक्त निकल चुका है, अब आतंक के खिलाफ निर्णायक जंग होगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलवामा हमले के खिलाफ चीन भारत के साथ खड़ा है। ऐसा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में UNSC में भी दिखा, जहां पुलवामा हमले की निंदा करते हुए जो रिजोल्यूशन पारित किया है उसमें चीन ने पाकिस्तान का साथ छोड़ते हुए भारत का समर्थन किया है। इस रिजोल्यूशन में जैश-ए-मोहम्मद का भी जिक्र था।
भारत ने आज तक जब भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का मुद्दा उठाया है तब चीन ने इसका विरोध किया। चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों में से एक है इसलिए इसके पास वीटो का पावर है। पुलवामा हमले के बाद आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। दुनिया के लगभग सभी शक्तिशाली देशों ने पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की है।
सर्वे: जीएनएस न्यूज एजेंसी


