
विद्या भवन पॉलीटेक्निक के प्राचार्य व झील संरक्षण समिति के सहसचिव डॉ अनिल मेहता, नगर निगम के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण व्यास , सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के शुभागतो दासगुप्ता, तन्वी तोमर ने कॉन्फ्रेंस में “पार्टनरिंग फ़ॉर मेवाड़” ( MEWAR : मैनेजिंग एनवायरनमेंट थ्रू वेस्ट रीयूज”) की रूपरेखा प्रस्तुत की।
पार्टनरिंग फ़ॉर मेवाड़ योजना निगम, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड , विद्या भवन व सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च द्वारा क्रियान्वित हो रही है। इसके तहत उदयपुर में सम्पूर्ण फिकल स्लज प्रबंधन होगा व हिंदुस्तान जिंक की मदद से सेप्टिक टैंक मलबे का उपचार संयंत्र भी बनेगा।
कार्यक्रम में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान , श्रीलंका व भारत के प्रतिनिधि भाग ले रहे है। इस अवसर पर कोलम्बो में स्थापित साउथ एशियाई रीजनल सेंटर फॉर सेनिटेशन के कार्य क्षेत्र को सदस्य देशों में व्यापक करने पर उदयपुर के दल ने विचार प्रस्तुत किये।
मेहता तथा व्यास ने श्रीलंका के नगरीय विकास, जल व सेनिटेशन मंत्री रउफ हकीम से भी मुलाकात की। हकीम ने भारत के स्वच्छ भारत अभियान को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।


