
वहीं सुरक्षित शहरों की सूची में पहला स्थान उत्तराखंड के देहरादून शहर का नाम आता है। सर्वे करीब 14,000 लोगों पर किया गया था, उनके पांच आधारभूत जरूरतों हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर, इकोनॉमी, एजुकेशन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस नतीजे पर पहुंचा गया था।
दिल्ली के जवाब देने वालों में 40 फीसदी लोग राष्ट्रीय राजधानी में खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। वहीं 50 फीसदी का मानना है कि यह शहर महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित नहीं है। मुंबई में इस सर्वेक्षण में जवाब देने वाले लोगों में से 21 फीसदी लोग शहर को महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित नहीं मानते हैं।
एक गैर सरकारी संगठन ‘प्रजा फाउंडेशन’ ने ‘स्टेट ऑफ पुलिसिंग एंड लॉ एंड ऑर्डर’ पर अपनी रिपोर्ट बृहस्पितवार को प्रकाशित की। दिल्ली में कुशल और अकुशल श्रमिक वर्ग खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करता है। बता दें कि बीते साल 2018 के नवंबर माह में किए गए एक अन्य सर्वे में कुछ इस तरह के आंकड़े सामने आए थे। उस सर्वेक्षण के मुताबिक रहने के लिहाज से मध्य प्रदेश का इंदौर शहर बेहतर है लेकिन वह सबसे सुरक्षित शहर नहीं है।
सर्वे: जीएनएस न्यूज एजेंसी


