
वेतन भोगी वर्ग को को बड़ा तोहफा दिया गया है। आयकर सीमा की छूट 2.5 से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गयी है। यानि 5 लाख तक सालाना आमदनी पर अब कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इस घोषणा के बाद सदन में घोषणा के बाद लोकसभा में मोदी-मोदी के नारे लगे।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ अंतरिम बजट नहीं, देश के विकास यात्रा का माध्यम है, ये जो देश बदल रहा है इसका श्रेय देशवासियों को जाता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है। इसके साथ ही, पिछले बजट में लाए गए स्टैंटर्ड डिडक्शन की सीमा भी 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। इतना ही नहीं, बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट पर 10 हजार की जगह अब 40 हजार रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री हो गया है। रेंटल इनकम पर डीटीएस की सीमा को 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.40 लाख रुपये किया गया है।
गोयल ने कहा है कि इन प्रस्तावित टैक्स रिफॉर्म्स के बाद सालाना 5 लाख रुपये तक की आमदनी वाले इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स को फुल टैक्स रीबेट मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति प्रोविडेंट फंड्स और निर्धारित इक्विटीज में निवेश करता है तो उसे 6.5 लाख रुपये तक की ग्रॉस इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। बहरहाल, बजट भाषण में यह नहीं बताया गया कि आखिर 5 लाख तक का इनकम टैक्स फ्री होने के बाद क्या 5 से 10 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर 20% टैक्स और 10 लाख रुपये से ज्यादा की आय पर 30% टैक्स का मौजूदा स्लैब ही लागू रहेगा या इनमें कोई बदलाव होगा?
गाय और किसान को वरीयता
वित्त मंत्री पीयूष गोयल सदन में बजट पेश करते हुए किसानों और गायों को खासी तरजीह देने की कोशिश की। गोयल बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार गायों के लिए राष्ट्रीय कामधेनु योजना शुरू करेगी। राष्ट्रीय गोकुल योजना के लिए 750 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। गौ माता के लिए सरकार कभी पीछे नहीं हटेगी।
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने किसानों को निराश नहीं करते हुए उनके लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कीं। किसानों के लिए सौगात की घोषणा करते हुए कहा, ‘किसानों के लिए किसान विकास सम्मान योजना मिलेगा। छोटे किसान जिनके पास 2 हेक्टेयर ( लगभग 5 एकड़) तक जमीन है, उन किसानों के खाते में हर साल 6 हजार रुपये जाएंगे। यह राशि 3 इंस्टॉलमेंट में सीधे बैंक खातें में जाएगी। छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को न्यूनतम राशि मिल सके इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी जाएगी। इससे लगभग 12 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। योजना 1 दिसंबर 2018 से लागू होगी। किसान निधि के लिए 75,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।


