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स्मारक घोटाला में मायावती करीबियों के छह ठिकानों पर ईडी का छापा

arln-admin by arln-admin
January 31, 2019
Reading Time: 1 min read
स्मारक घोटाला में मायावती करीबियों के छह ठिकानों पर ईडी का छापा


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लखनऊ,(ARlive news)। लोकसभा चुनाव से पहले यूपी के प्रमुख विपक्ष दल समाजवादी पार्टी को घेरने की कोशिश में भाजपा लगी हुई है। भाजपा सरकार अखिलेश यादव के कार्यकाल में हुए रिवरफ्रंट मामले की जांच और अवैध खनन मामले में सपा अध्यक्ष पर शिकंजा कसने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती को भी निशाना बना रही है। ताजा मामला मायावती सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर 14 अरब के स्मारक घोटाले का है। ईडी ने इस मामले में बीएसपी सुप्रीमो मायावती के करीबियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को लखनऊ और एनसीआर के 6 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। ईडी की टीम ने राजधानी के गोमती नगर में इंजिनियरों, ठेकेदारों और स्मारक घोटाले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा मारे। सतर्कता अधिष्ठान ने 1400 करोड़ (14 अरब) के स्मारक घोटाले की जांच की थी। जांच के लिए विजिलेंस में सात इंस्पेक्टर की एक एसआईटी का भी गठन किया गया था। बताया जा रहा है कि विजिलेंस जांच की पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही ईडी ने कार्रवाई शुरू की है। मायावती पर स्मारक घोटाले को लेकर शिकंजा कसने का संदेह पहले ही जताया गया था। पहले ही सूचना आई थी कि लोकसभा चुनाव से पहले बीएसपी के दो पूर्व मंत्रियों और मायावती के करीबी रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा के जरिए बसपा सुप्रीमो पर शिकंजा कसा जा सकता है। हालांकि जिस समाजवादी पार्टी के साथ बीएसपी सुप्रीमो ने हाथ मिलाया है। उसके ही कार्यकाल में स्मारक घोटाले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। एसपी के ही कार्यकाल में स्मारक घोटाले में गोमती नगर में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद मामले की जांच ठंडे बस्ते में चली गई। इस मामले में ईडी ने भी केस दर्ज किया लेकिन विजिलेंस की जांच आगे न बढने के कारण आरोपियों के खिलाफ कोई चार्जशीट न होने के कारण ईडी की जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई थी। विजिलेंस की जांच रिपोर्ट शासन को मिलने के बाद ईडी की जांच में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही थी।

ईडी के सूत्रों की मानें तो विजिलेंस को जांच में स्मारक घोटाले के तहत मनि लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं। इन्हीं सबूतों को जुटाने के बाद ईडी ने स्मारक घोटाले से जुड़ी फर्मों व निर्माण निगम इंजिनियरों समेत कइयों के ठिकाने खंगाले। इस कार्रवाई में ईडी का खास निशाना पत्थर आपूर्ति से जुड़ी फर्म्स हो सकती हैं। इस मामले में हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें आंबेडकर स्मारक परिवर्तन स्थल लखनऊ, मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल, गौतमबुद्ध उपवन, इको पार्क, नोएडा आंबेडकर पार्क, रामबाई आंबेडकर मैदान स्मृति उपवन आदि के निर्माण में 14 अरब 10 करोड़ 83 लाख 43 हजार रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया था।

सोर्स : जीएनएस न्यूज एजेंसी

Tags: #up#smarak-ghotala#

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