भीलवाड़ा में नेता प्रतिपक्ष कटारिया के भाषण के दौरान छात्रों ने किया हंगामा।

छात्रों के हंगामे से गुस्से में आए कटारिया के भी बोल बिगड़ गए और छात्रों को नसीहत देते बड़बोले पन में यहां तक बोल गए कि इमरजेंसी में 18 महीने जेल में रहे, लेकिन माफी नहीं मांगी।जिन उद्दश्यों को लेकर संगठन बनाया है, उससे हम पीछे नहीं हट सकते हैं। कटारिया ने कहा हमने किसी व्यक्ति की पूजा नहीं की। हम किसी व्यक्ति की नौकरी करने पैदा नहीं हुए हैं, फिर चाहे वह देश का प्रधानमंत्री मोदी हो या कोई और। हम उसकी चाकरी करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं। जो देश आगे बढ़ाएगा, हम उसकी मदद करेंगे।
माता-पिता को बुलाने और नेताओ को न बुलाने पर हुआ हंगामा

हंगामें के अंदेशे को देखते हुए कॉलेज में भारी पुलिसबल तैनात किया गया था। जैसे ही नेताप्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया कार्यक्रम में पहुंचे, एनएसयूआई के छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस छात्रों को शांत कर ही रही थी कि तभी गुलाबचंद कटारिया ने जैसे ही मंच पर उद्बोधन शुरू किया, एनएचयूआई के दो छात्र गिलू सिंह और मनोज ने विरोध ने मंच के पास जाकर नारेबाजी शुरू कर दी और हंगाम किया। यह देखकर हरकत में आई पुलिस ने दोनों छात्रों को हिरासत में ले लिया, लेकिन इस दौरान कॉलेज में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस सब से गुस्से में आए कटारिया ने कहा कि किसी की चाकरी करने वाले नहीं हैं। पढ़लिखकर डिग्रियां हासिल करने से कुछ नहीं होगा, जब तक देश के प्रति कोई सोच नहीं बनेगी। उन्होंने एबीवीपी के छात्रों से कहा कि आप मन छोटा न करें, विरोध बर्दाश्त करो। दुनिया को जोड़कर आगे चलना है, तभी देश आगे बढ़ेगा। यह जो छोटी सोच है, इससे मैं नहीं डरता हूं। अगर डरता तो विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होते हुए इमरजेंसी में 18 महीने के लिए जेल नहीं जाता।
कटारिया ने कहा हमने कभी कायरता नहीं दिखाई। जेल में था तो मेरे मामा जी आए थे कि माफीनामा लिखकर देदे सुखाड़िया जी को दिखाएंगे तो जेल से छोड़ देंगे। तब भी मैंने साफ मना कर दिया था कि माफी लिखकर नहीं दूंगा, भले ही यहां से लाश निकले। हमने कभी भी किसी व्यक्ति की पूजा नहीं की। हम किसी की नौकरी करने पैदा नहीं हुए हैं, चाहे देश का प्रधानमंत्री मोदी हो, चाहे कोई और हो। हम उसकी चाकरी करने पैदा नहीं हुए हैं। जो देश को आगे बढ़ाएगा, उसकी मदद करेंगे। बाद में कटारिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए कहा कि देश जब भ्रष्टाचार की भट्टी में जल रहा था, तब ऐसे प्रधानमंत्री ने देश को बचाने का काम किया है।


