
कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के किसानों को लेकर दिए कर्जमाफी के बयान पर हम संतुष्ट नहीं हैं। गहलोत ने कर्जमाफी का वादा किया था, यह नहीं कहा था कि कॉपरेटिव से लिया कर्ज माफ होगा या डिफॉल्टर का कर्ज माफ होगा। किसानों का पूरा कर्जा माफ करने की बात कही गई थी, अब मुख्यमंत्री गहलोत स्पष्ट करें किसानों का कब और कितना कर्ज माफ होगा। अभी तक इस संबंध में सरकार ने कुछ भी नहीं किया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सवर्ण जाति को मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण पर भी लिए जाने वाले उनके निर्णय को स्पष्ट करें। उन्होंने जनता को यह कह दिया कि राज्य में 10 प्रतिशत आरक्षण सवर्णों को देंगे, लेकिन कब देंगे स्पष्ट नहीं किया। एक महीने बाद आचार संहिता लग जाएगी और फिर लोकसभा चुनाव आ जाएंगे, उस दौरान कोई कार्य होगा नहीं, तो इससे पहले मुख्यमंत्री इस संबंध में कब तक निर्णय लेंगे यह स्पष्ट करें।
मेवाड़ से करेंगे ऑलआउट
कटारिया ने चुनौती देने के अंदाज में कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की मेवाड़ में स्थिति स्पष्ट हो गई थी, और अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मेवाड़ से ऑलआउट होगी।


