
: ओपी शर्मा राज्य के ऐसे पहले डीएफओ हैं, जिन्होंने अपने स्तर पर एक एनजीओ के सहयोग से उदयपुर के उन इलाकों में सोलर लैंप पहुंचाई थी, जहां पर कभी बिजली पहुंची ही नहीं थी। जिनकी जिंदगी सूरज के ढलते ही थम जाती थी, ओपी शर्मा ने उन लोगों के जीवन को गति दी।
: ओपी शर्मा की सोच और प्रयासों की वजह से ही आज उदयपुर के आदिवासी क्षेत्रों में तैयार किए जाने वाला सीताफल का पल्प बड़ी मात्रा में दूसरे राज्यों में तक सप्लाई होता है। सीताफल लाने से लेकर मार्केट तक पहुंचाने का सारा कार्य वनसमितियों में शामिल आदिवासी लोग ही करते हैं। इससे इन आदिवासियों के जीवन में एक बड़ा परिवर्तन आया है।
: ओपी शर्मा ने गांव में वनसमितियों को न सिर्फ वन संरक्षण से जोड़ा बल्कि अगरबत्ती बनाने, एलोवीरा जूस जैसे कई उत्पाद बनाने सिखवाए और इन्हें सरकारी योजनाओं के जरिए संसाधन उपलब्ध करवाकर इन्हें बड़े स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाया।
: ओपी शर्मा ने अपने प्रयासों से आदिवासियों द्वारा तैयार किए जाने वाले कई उत्पादों को नेशनल स्तर पर सर्टिफिकेशन करवाया, ताकि से उत्पाद कहीं भी विक्रय किए जा सकें और आदिवासियों को इससे अच्छी आय हो।

