शहर के धानमंडी क्षेत्र में वन विभाग की बड़ी कार्यवाही, शिड्यूल 1 के वन्यजीव अंग बरामद।

मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राहुल भटनागर ने बताया कि मोनीटर लिजार्ड और पेंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के शिड्यूल 1 और सियार शिड्यूल 2 का प्राणी है। इनका शिकार या अंगों की तस्करी अपराध की श्रेणी में आता है। इसके तहत सात साल की जेल की सजा का प्रवधान है।
एसीएफ शैतान सिंह देवड़ा के नेतृत्व में टीम ने मैसर्स कैलाशचन्द्र रमेश कुमार सरावड़ी, शाह फकीरचंद शोभालाल पगारिया, मोडीलाल जीतमल जैन एवं भेरूलाल, बाबूलाल सोनी की दुकानों पर गुरुवार शाम को एक साथ छापा मारा। इन दुकानों से वन्यजीवों संबंधित सामग्री बरामद की। टीम ने वन्यजीवों के अंगों और खालों की तस्करी के आरोप में इन दुकानदारों को गिरफ्तार किया है। कार्यवाही करने वाली टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी गणेशीलाल गोठवाल, भूपेन्द्र सिंह, विजेन्द्र सिंह सहित अन्य कार्मिक शामिल रहे।
अंधविश्वासी लोग तांत्रिक क्रियाओं में करते हैं उपयोग
एसीएफ शैतान सिंह देवड़ा ने बताया कि अंधविश्वास में लिप्त लोग अक्सर वन्यजीवों के अंगों का उपयोग तांत्रिक क्रियाओं में करते हैं। लोगों में यह भी अंधविश्वास होता है कि घर की पेटियों में ये अंग रखेंगे तो धनसम्पदा बढ़ेगी। अपने अंधविश्वास के चलते लोग इन बेजुबानों का शिकार कर रहे हैं।


