
इस दंगा मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इनकी सजा पर फिलहाल संदेह है। इन सभी को आगजनी और हिंसा फैलाने के चलते सजा सुनाई गई है। इन चारों आरोपियों को हाई कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने कहा कि बजरंगदल के नेता बाबू बजरंगी और अन्य की अपील भी स्वीकार कर ली गई है।
मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने माया कोडनानी को बरी कर दिया था। वहीं बाबू बजरंगी की सजा को बरकरार रखा गया। गुजरात हाई कोर्ट ने नरोडा दंगा पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
सोर्स: जीएनएस न्यूज एजेंसी


