
विशेषज्ञों की मानें तो इस केंद्र पर मध्यम रेंज की नोडोंग मिसाइलों का परीक्षण किया जाता है। बताया जा रहा है कि इस केंद्र से दक्षिण कोरिया, जापान और अमरीकी क्षेत्र पर परमाणु या पारंपरिक तरीके से हमला किया जा सकता है। अमरीकी पत्र द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थान पर तैनात ऑपरेटिंग बेस का इस्तेमाल कर सिनो-री मिसाइल और नोडोंग मिसाइलों से उत्तर कोरिया परमाणु हमला करने में सक्षम है। बताया जा रहा है कि यह सेंटर दोनों कोरिया के बॉर्डर पर स्थित है।
इस खोज ने उत्तर कोरिया के इरादों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया है। पिछले साल जून में सिंगापुर में पहली शिखर बैठक के दौरान किम जोंग ने अमरीका से सुरक्षा की गारंटी के बदले कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने पर समझौता पर हस्ताक्षर किया था। हालांकि इस मुलाकात के बाद भी इस दिशा में बहुत कम प्रगति हुई है। इन दिनों एक तरफ तो उत्तर कोरिया और अमरीका की बीच एक और मुलाकात की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन अब दूसरी तरफ इस मिसाइल अड्डे के बारे हुए खुलासे के बाद इस संभावित बैठक पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। स्वीडन में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दूसरी बैठक पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चर्चा चल रही है। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मुलाकात संभवत: अगले महीने वियतनाम में होने वाली है।
सोर्स: जीएनएस न्यूज एजेंसी


